व्हाटअप्प ग्रुप ज्वाइन करने के लिए यहाँ क्लिक करे 👉
---Advertisement---

बेतवा नदी पर बड़ा हादसा, निर्माणाधीन पुल गिरने से छह मजदूरों की दर्दनाक मौत

By Neha
On: Friday, May 29, 2026 8:08 AM
बेतवा नदी पर बड़ा हादसा, निर्माणाधीन पुल गिरने से छह मजदूरों की दर्दनाक मौत
---Advertisement---

उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में गुरुवार देर रात एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल का एक हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया और वहां सो रहे मजदूर देखते ही देखते मलबे में दब गए। हादसा रात करीब तीन बजे उस समय हुआ जब तेज आंधी और बारिश चल रही थी। यह पुल ललपुरा क्षेत्र के मोराकांदर परसनी से कुरारा के नैठी और कंडौर गांव के बीच बनाया जा रहा था। बताया जा रहा है कि करीब एक किलोमीटर लंबे इस पुल का स्लैब अचानक टूट गया। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा तफरी मच गई और चीख पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। शुरुआती जानकारी के अनुसार छह मजदूरों की मौत हो चुकी है जबकि तीन मजदूर अब भी पिलर के पास फंसे हुए हैं और गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।

आंधी बारिश के बीच चला राहत अभियान, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं। राज्य आपदा मोचन बल यानी एसडीआरएफ की टीम ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया। मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए भारी मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक कुछ मजदूर पुल के उसी हिस्से में सो रहे थे जो ढह गया। घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल निर्माण कार्य की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर खड़ा हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण स्थल पर मजदूरों की सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। तेज बारिश और खराब मौसम के बावजूद मजदूरों को उसी जगह रुकना पड़ा। पुलिस का कहना है कि हादसे के कारणों की जांच की जाएगी और निर्माण एजेंसी से भी जवाब मांगा जाएगा। इस हादसे ने एक बार फिर सरकारी निर्माण परियोजनाओं की गुणवत्ता और निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

छह मजदूरों की मौत से गांवों में पसरा मातम

इस हादसे में जान गंवाने वाले सभी मजदूर बांदा और हमीरपुर जिलों के रहने वाले बताए जा रहे हैं। मृतकों में लोकेंद्र निषाद, कुलदीप निषाद, सावंत यादव, सभाजीत, पुष्पेंद्र सिंह चौहान और राजेश पाल शामिल हैं। हादसे की खबर जैसे ही उनके गांवों तक पहुंची वहां मातम छा गया। परिवारों का रो रोकर बुरा हाल है। कई घरों में कमाने वाला इकलौता सदस्य इस हादसे का शिकार हो गया। वहीं पिलर पर फंसे अवधेश निषाद, कल्लू यादव और राजेश निषाद को सुरक्षित निकालने की कोशिश लगातार जारी है। डॉक्टरों की टीम भी मौके पर मौजूद है ताकि बाहर निकालते ही घायलों को तुरंत इलाज दिया जा सके। स्थानीय प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को हर संभव मदद देने का भरोसा दिया है लेकिन हादसे ने कई परिवारों की जिंदगी हमेशा के लिए बदल दी है।

राजनीतिक हलकों में भी मचा हड़कंप, जांच की उठी मांग

यह पुल राज्यसभा सदस्य बाबूराम निषाद के प्रयासों से स्वीकृत हुआ था और उनके गांव मोराकांदर परसनी के पास बनाया जा रहा था। हादसे के बाद राजनीतिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है। विपक्ष ने सरकार और निर्माण एजेंसी पर लापरवाही का आरोप लगाया है। कई नेताओं ने उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की बात कही है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल प्राथमिकता राहत और बचाव कार्य है लेकिन हादसे की तकनीकी जांच भी जल्द शुरू कर दी जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि निर्माण गुणवत्ता में कोई कमी पाई गई तो यह मामला और गंभीर हो सकता है। स्थानीय लोग भी मांग कर रहे हैं कि पुल निर्माण में बरती गई हर लापरवाही को सामने लाया जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। इस हादसे ने पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है।

Join WhatsApp

Join Now

---Advertisement---