
मुंबई, 25 मई: पालघर जिले के धानिवरी में बीती 18 मई को हुए भीषण सड़क हादसे में जान गंवाने वाले 13 नागरिकों के परिवारों को मुख्यमंत्री सहायता कोष से 5-5 लाख रुपये की आर्थिक मदद दे दी गई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मंजूरी के बाद कुल 65 लाख रुपये की सहायता राशि पालघर के जिलाधिकारी (कलेक्टर) के खाते में ट्रांसफर कर दी गई है।
हादसे के तुरंत बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया था। इसी घोषणा के तहत मुख्यमंत्री सहायता कोष से यह राशि जारी करने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और इससे जुड़े प्रशासनिक आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।
आमने-सामने हुई थी टेम्पो और कंटेनर की भिड़ंत
यह दर्दनाक हादसा 18 मई 2026 को दोपहर करीब चार बजे डहाणू तालुका के धानिवरी इलाके में हुआ था। यहाँ एक टेम्पो और कंटेनर के बीच आमने-सामने इतनी भीषण टक्कर हुई कि टेम्पो के परखच्चे उड़ गए। इस हादसे में 13 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि 17 लोग घायल हुए थे। हादसे की खबर मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य शुरू किया और घायलों को इलाज के लिए पास के अस्पताल में भर्ती कराया।
जिलाधिकारी कार्यालय, पालघर ने मृतकों के वारिसों को आर्थिक मदद देने का प्रस्ताव राज्य सरकार के पास भेजा था। इस पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री सहायता कोष से तुरंत फंड मंजूर कर दिया। साथ ही जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि वे मृतकों के कानूनी वारिसों की पहचान (वेरिफिकेशन) कर इस सहायता राशि को जल्द से जल्द उनके खातों में पहुंचाएं।
हादसे में जान गंवाने वाले नागरिकों के नाम:
इस दुखद हादसे में जान गंवाने वाले सभी 13 लोग बापूगांव के रहने वाले थे। उनके नाम इस प्रकार हैं:
- सुरेश रत्ना लाखात (उम्र 47 वर्ष)
- पांडू गणपत लाखात (उम्र 45 वर्ष)
- कलु गोविंद लाखात (उम्र 48 वर्ष)
- सुनील अर्जुन दांडेकर (उम्र 35 वर्ष)
- चिमा गोविंद कुऱ्हाडा (उम्र 75 वर्ष)
- नमिता विट्ठल दांडेकर (उम्र 14 वर्ष)
- सारिका संतोष लाखात (उम्र 38 वर्ष)
- आयुष सीताराम लाखात (उम्र 16 वर्ष)
- सागर नामदेव शेंडे (उम्र 15 वर्ष)
- वसंत शिवराम वळवी (उम्र 40 वर्ष)
- सलोनी शिवराम वळवी (उम्र 12 वर्ष)
- अजय चंदर आहाडी (उम्र 19 वर्ष)
- रियांशी संतोष लाखात (उम्र 4 वर्ष)
घायलों का इलाज जारी
हादसे में घायल हुए लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा है और डॉक्टरों की एक विशेष टीम लगातार उनकी सेहत पर नजर रखे हुए है। मुख्यमंत्री सहायता कोष कक्ष के प्रमुख रामेश्वर नाईक ने बताया कि जिला प्रशासन के साथ तालमेल बिठाकर मदद बांटने का काम तेजी से किया जा रहा है और अन्य जरूरी कागजी कार्रवाई को भी प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जा रहा है।






