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पटना में पेट्रोल-डीजल संकट की अफवाहों से बढ़ी भीड़, बिक्री पर लगी सीमा

By Neha
On: Saturday, May 16, 2026 1:44 PM
पटना में पेट्रोल-डीजल संकट की अफवाहों से बढ़ी भीड़, बिक्री पर लगी सीमा
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बिहार की राजधानी पटना में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी और संभावित किल्लत की अफवाहों के बीच पेट्रोल पंपों पर लोगों की भारी भीड़ देखी जा रही है। कई लोग अपने वाहनों की फुल टंकी भरवाने के लिए पहुंच रहे हैं, जिससे शहर में असमंजस और अफवाहों का माहौल बन गया है। हालात को देखते हुए कुछ पेट्रोल पंप संचालकों ने अपने स्तर पर सीमित मात्रा में ईंधन देने का फैसला लिया है, हालांकि कंपनियों की ओर से कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया गया है।

पेट्रोल पंप संचालकों का फैसला, सीमित मात्रा में दिया जा रहा ईंधन

पटना के एक प्रमुख पेट्रोल पंप संचालक अरविंद कुमार ने स्पष्ट किया है कि तेल कंपनियों की तरफ से किसी भी तरह का प्रतिबंध या फुल टंकी पर रोक का निर्देश नहीं मिला है। लेकिन मौजूदा स्थिति और भीड़ को देखते हुए उन्होंने और अन्य संचालकों ने यह कदम उठाया है कि हर ग्राहक को उसकी जरूरत के अनुसार ही ईंधन दिया जाए। उनका कहना है कि यदि कुछ लोग बड़ी मात्रा में ईंधन भरवाते हैं तो अन्य लोगों को परेशानी हो सकती है, इसलिए संतुलन बनाए रखने के लिए यह निर्णय लिया गया है।

कीमतों में बढ़ोतरी और वैश्विक दबाव से बिगड़े हालात

हाल ही में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3-3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है, जिससे आम लोगों की चिंता और बढ़ गई है। विशेषज्ञों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी इसका मुख्य कारण है। Emkay Global की रिपोर्ट में बताया गया है कि तेल कंपनियों को फिलहाल प्रति लीटर 17 से 18 रुपये तक का नुकसान हो रहा है, जिससे आने वाले समय में कीमतों में और वृद्धि की संभावना जताई जा रही है।

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से बढ़ा आर्थिक दबाव

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं और यह 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुकी हैं। युद्ध से पहले यही कीमत करीब 70 डॉलर प्रति बैरल थी। इस बढ़ोतरी का सीधा असर भारत की तेल कंपनियों पर पड़ रहा है, जिससे आर्थिक दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यही स्थिति बनी रही तो आने वाले महीनों में ईंधन की कीमतों में और इजाफा हो सकता है।

महंगाई का असर बढ़ा, दूध के दाम में भी बढ़ोतरी से चिंता

पेट्रोल और डीजल के साथ-साथ अब आम जनता को महंगाई का एक और झटका लगा है। अमूल और मदर डेयरी ने हाल ही में दूध के दाम में 2-2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी है। अर्थशास्त्रियों का कहना है कि ईंधन और दूध जैसी आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि से खुदरा महंगाई में करीब 0.42 प्रतिशत तक का इजाफा हो सकता है, जिससे आम परिवारों का बजट और प्रभावित होगा।

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