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TMC सांसद अभिषेक बनर्जी पर भड़काऊ भाषण केस में बड़ी कानूनी कार्रवाई

By Neha
On: Saturday, May 16, 2026 8:08 AM
TMC सांसद अभिषेक बनर्जी पर भड़काऊ भाषण केस में बड़ी कानूनी कार्रवाई
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पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बड़ा विवाद सामने आया है, जहां तृणमूल कांग्रेस (तृणमूल कांग्रेस) के सांसद अभिषेक बनर्जी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। यह मामला विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए कथित भड़काऊ भाषणों से जुड़ा हुआ है। कोलकाता के बिधाननगर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में दर्ज इस FIR में आरोप लगाया गया है कि उनके भाषणों से सामाजिक तनाव और आपसी दुश्मनी को बढ़ावा मिला।

FIR में गंभीर आरोप, अमित शाह पर टिप्पणी भी शामिल

एफआईआर के अनुसार शिकायत में कहा गया है कि अभिषेक बनर्जी ने 27 अप्रैल से 3 मई के बीच कई चुनावी सभाओं में ऐसे बयान दिए, जिनसे सार्वजनिक शांति भंग होने की आशंका पैदा हुई। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ भी कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं। इन बयानों को दंगों के लिए उकसाने, समूहों के बीच नफरत फैलाने और गंभीर धमकी जैसी धाराओं के तहत दर्ज किया गया है। पुलिस ने इन भाषणों के वीडियो और ऑनलाइन लिंक को भी सबूत के तौर पर शामिल किया है।

शिकायतकर्ता ने पेश किए वीडियो और डिजिटल सबूत

इस मामले में सामाजिक कार्यकर्ता राजीव सरकार ने शिकायत दर्ज कराई थी और साथ में कई वीडियो क्लिप और सोशल मीडिया लिंक भी पुलिस को सौंपे हैं। शिकायत बागूइहाटी पुलिस स्टेशन में 5 मई को दर्ज की गई थी, जबकि औपचारिक FIR 15 मई को बिधाननगर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई। मामले की जांच भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत की जा रही है। इसमें आरोप है कि भाषणों के दौरान विपक्षी कार्यकर्ताओं के खिलाफ आक्रामक और भड़काऊ भाषा का इस्तेमाल किया गया।

पुलिस जांच शुरू, राजनीतिक माहौल हुआ गरम

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और सब-इंस्पेक्टर सोमनाथ रॉय को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। तृणमूल कांग्रेस की ओर से अभी इस पर आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब राज्य की राजनीति पहले से ही चुनावी आरोप-प्रत्यारोप के दौर से गुजर रही है। आने वाले दिनों में इस जांच के नतीजे राज्य की राजनीतिक दिशा को प्रभावित कर सकते हैं।

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