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मुख्यमंत्री विजय ने NEET खत्म करने की मांग से केंद्र पर दबाव बढ़ाया

By Neha
On: Thursday, May 14, 2026 8:43 AM
मुख्यमंत्री विजय ने NEET खत्म करने की मांग से केंद्र पर दबाव बढ़ाया
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NEET UG परीक्षा में एक बार फिर पेपर लीक के आरोप सामने आने के बाद देशभर की राजनीति में बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। विपक्ष लगातार इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेर रहा है और परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव की मांग कर रहा है। इसी बीच तमिलनाडु की राजनीति में भी यह मुद्दा तेज हो गया है, जहां नई सरकार ने NEET को समाप्त करने की खुली मांग कर दी है। मुख्यमंत्री विजय ने केंद्र सरकार से अपील करते हुए कहा है कि मेडिकल प्रवेश के लिए NEET आधारित प्रणाली को खत्म कर दिया जाए और राज्यों को 12वीं कक्षा के अंकों के आधार पर दाखिला देने की अनुमति मिले।

तमिलनाडु पहले से ही NEET परीक्षा प्रणाली का विरोध करता रहा है और इसे सामाजिक असमानता बढ़ाने वाला मॉडल बताता रहा है। राज्य का तर्क है कि यह प्रणाली शहरी, अंग्रेजी माध्यम और आर्थिक रूप से मजबूत छात्रों को अधिक लाभ देती है जबकि ग्रामीण और सरकारी स्कूलों से आने वाले छात्रों के लिए यह बाधा बनती है। विजय ने भी इस मुद्दे को दोहराते हुए कहा कि यह परीक्षा प्रणाली शिक्षा में समान अवसरों को प्रभावित करती है। राज्य सरकार का मानना है कि 12वीं के अंकों के आधार पर प्रवेश प्रक्रिया अधिक न्यायसंगत और समावेशी हो सकती है।

पेपर लीक और NEET की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल

मुख्यमंत्री विजय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी बयान में NEET की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि 2024 में भी पेपर लीक के मामले सामने आए थे और कई राज्यों में FIR दर्ज हुई थीं, जिन्हें बाद में CBI को सौंपा गया था। उन्होंने यह भी बताया कि विशेषज्ञ समिति ने सुधार के लिए कई सिफारिशें दी थीं, लेकिन इसके बावजूद दो साल के भीतर एक और पेपर लीक सामने आना प्रणालीगत विफलता को दर्शाता है। इस आधार पर उन्होंने परीक्षा रद्द किए जाने को गंभीर प्रशासनिक असफलता बताया है।

पुरानी छूट नीति से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा विवाद

तमिलनाडु की मांग कोई नई नहीं है, बल्कि यह वर्षों पुराना राजनीतिक और कानूनी विवाद है। राज्य सरकार ने पिछले वर्षों में भी NEET से छूट की मांग की थी और यहां तक कि राष्ट्रपति के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती भी दी गई थी। UPA शासनकाल में राज्य को 12वीं आधारित मूल्यांकन प्रणाली की अनुमति मिली थी, लेकिन 2017 में केंद्र सरकार द्वारा NEET को अनिवार्य किए जाने के बाद स्थिति बदल गई। तब से लेकर अब तक तमिलनाडु लगातार इस प्रणाली के खिलाफ आवाज उठा रहा है। अब एक बार फिर पेपर लीक विवाद ने इस बहस को राष्ट्रीय स्तर पर और तेज कर दिया है।

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