व्हाटअप्प ग्रुप ज्वाइन करने के लिए यहाँ क्लिक करे 👉
---Advertisement---

उत्तराखंड विधानसभा में नारी शक्ति वंदन पर गरमाई बहस, CM धामी का तीखा संबोधन

By Neha
On: Tuesday, April 28, 2026 5:03 PM
उत्तराखंड विधानसभा में नारी शक्ति वंदन पर गरमाई बहस, CM धामी का तीखा संबोधन
---Advertisement---

उत्तराखंड विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विस्तृत और तीखा संबोधन दिया। उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत नारी शक्ति के महत्व से करते हुए कहा कि शक्ति के बिना सृजन की कल्पना भी संभव नहीं है। मुख्यमंत्री ने भारतीय इतिहास में नारी शक्ति के पराक्रम को रेखांकित करते हुए रानी लक्ष्मीबाई, सावित्रीबाई फुले और कल्पना चावला जैसी महान विभूतियों का उल्लेख किया और कहा कि इन महिलाओं ने यह सिद्ध किया है कि नारी के सपनों की कोई सीमा नहीं होती।

हर क्षेत्र में अग्रिम भूमिका निभा रही हैं महिलाएं

सीएम धामी ने कहा कि आज नारी केवल सहभागिता तक सीमित नहीं है बल्कि नेतृत्व की भूमिका निभा रही है। उन्होंने चंद्रयान मिशन, सेना, वायुसेना और नौसेना जैसे क्षेत्रों का उदाहरण देते हुए कहा कि हर क्षेत्र में महिलाएं अग्रिम पंक्ति में खड़ी होकर देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रही हैं। उन्होंने उत्तराखंड की महिलाओं के योगदान का भी विशेष उल्लेख किया और कहा कि राज्य निर्माण और आंदोलन में मातृशक्ति की भूमिका ऐतिहासिक रही है। उनके अनुसार बिना नारी शक्ति के किसी भी समाज की वास्तविक प्रगति संभव नहीं है।

विपक्ष पर साधा निशाना, नारी आरक्षण को बताया ऐतिहासिक कदम

मुख्यमंत्री ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर विपक्ष, खासकर कांग्रेस और इंडी गठबंधन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2023 में संसद में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण का प्रावधान लाकर एक ऐतिहासिक कदम उठाया था, जिसका उद्देश्य नीति निर्माण में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाना था। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने राजनीतिक स्वार्थ के चलते इस ऐतिहासिक पहल को बाधित किया, जबकि यह देश की आधी आबादी के अधिकारों से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा था।

परिसीमन और महिला सम्मान पर सीएम का बड़ा बयान

सीएम धामी ने परिसीमन को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की और कहा कि इससे किसी भी राज्य को नुकसान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह पहले ही लोकसभा में स्पष्ट कर चुके हैं कि परिसीमन से प्रतिनिधित्व संतुलित रहेगा और किसी के अधिकारों पर असर नहीं पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि वर्षों तक सत्ता में रहने के बावजूद कांग्रेस ने महिलाओं के हित में ठोस कदम नहीं उठाए। उन्होंने अंत में कहा कि आज देश की नारी शक्ति यह समझ चुकी है कि कौन उनके अधिकारों के लिए ईमानदारी से काम कर रहा है और कौन राजनीतिक लाभ के लिए उनका इस्तेमाल कर रहा है।

Join WhatsApp

Join Now

---Advertisement---