

मुंबई | खबरदीप जन मंच
मुंबई और पुणे के बीच का सफर अब और भी सुगम, सुरक्षित और तेज होने जा रहा है। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे को पूरी तरह ‘एक्सेस कंट्रोल’ बनाने वाले बहुप्रतीक्षित ‘मिसिंग लिंक’ (Missing Link) परियोजना का काम 99% पूरा हो चुका है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने घोषणा की है कि इस ऐतिहासिक प्रोजेक्ट का उद्घाटन 1 मई (महाराष्ट्र दिवस) को मुख्यमंत्री *देवेंद्र फडणवीस* के करकमलों द्वारा किया जाएगा।
उपमुख्यमंत्री ने किया जमीनी निरीक्षण
रविवार को उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने परियोजना स्थल का दौरा कर अंतिम चरण के कार्यों का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने कहा, “मैंने स्वयं काम की गुणवत्ता की जांच की है और निर्माण कार्य संतोषजनक है। यह प्रोजेक्ट न केवल समय बचाएगा, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी नई गति प्रदान करेगा।”
प्रोजेक्ट की 5 बड़ी बातें: क्यों खास है यह ‘मिसिंग लिंक’?
1. समय और ईंधन की भारी बचत: इस लिंक के शुरू होने से मुंबई-पुणे के बीच की दूरी लगभग 6 किलोमीटर कम हो जाएगी, जिससे यात्रा समय में 20 से 30 मिनट की बचत होगी।
2. विश्वस्तरीय इंजीनियरिंग: 10.5 किमी लंबे इस प्रोजेक्ट में दुनिया की सबसे चौड़ी सुरंगों में से एक (23.75 मीटर) शामिल है। साथ ही टाइगर वैली पर 182 मीटर ऊंचा केबल-स्टेड ब्रिज बनाया गया है, जो आधुनिक इंजीनियरिंग का अद्भुत नमूना है।
3. झील के नीचे से रास्ता: यह सड़क लोनावला झील के 182 मीटर नीचे से गुजरती है। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और मूसलाधार बारिश की चुनौतियों के बावजूद इसे MSRDC ने रिकॉर्ड समय में पूरा किया है।
4. हादसों पर लगेगा ‘फुल स्टॉप’: घाट के खतरनाक मोड़ों और ढलानों को बायपास करने से दुर्घटनाओं की दर लगभग शून्य हो जाएगी।
5. टोल में कोई बढ़ोतरी नहीं: आम जनता के लिए राहत की बात यह है कि इस नए मार्ग के इस्तेमाल के लिए *कोई अतिरिक्त टोल नहीं* देना होगा।
संस्कृति और पर्यटन का मेल
इस परियोजना में विरासत का भी ध्यान रखा गया है। सुरंगों को लोहगढ़, विसापूर किल्ले और कार्ला गुफाओं* की कलाकृतियों से सजाया गया है। इससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि यात्रियों को महाराष्ट्र की गौरवशाली संस्कृति की झलक भी देखने को मिलेगी।
विकास का नया विजन
उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि शुरुआत में यह मार्ग चार पहिया वाहनों (Cars) और बसों के लिए खोला जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य पूरे महाराष्ट्र में सड़कों का ऐसा जाल बिछाना है कि राज्य के किसी भी कोने से दूसरे कोने तक मात्र 7 से 8 घंटे में पहुँचा जा सके।
“यह केवल एक रास्ता नहीं है, बल्कि महाराष्ट्र की प्रगति का एक्सप्रेसवे है।” उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे,”
खबर के मुख्य बिंदु (Highlights):
उद्घाटन: 1 मई 2026 (महाराष्ट्र दिवस)
कुल लागत: लगभग ₹6,700 करोड़
दूरी में कमी: 6 किलोमीटर
विशेषता: 182 मीटर ऊंचा केबल-स्टेड ब्रिज और दुनिया की सबसे चौड़ी सुरंग।
अतिथि: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे






