बंगाल में SIR (Special Integrated Roster) पर हुए विवाद के बाद टीएमसी अब मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोल चुकी है। पार्टी महाभियोग प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रही है। टीएमसी सूत्रों के अनुसार, मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ इस सत्र में ही महाभियोग का नोटिस दिया जाएगा। पहले बजट सत्र के पहले हाफ में टीएमसी यह कदम उठाना चाहती थी, लेकिन कांग्रेस पहले स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाना चाहती थी। इसी कारण टीएमसी सांसदों ने स्पीकर वाले प्रस्ताव पर दस्तखत नहीं किए थे।

विपक्ष के साथ सहयोग और महाभियोग की तैयारी
बजट के दूसरे सत्र में टीएमसी ने स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर विपक्ष का समर्थन लेने का ऐलान किया है। टीएमसी सूत्रों का कहना है कि अब विपक्ष भी मौखिक तौर पर ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए महाभियोग लाने पर सहमत है। इसके लिए ड्राफ्ट तैयार किया जा चुका है और आवश्यक संख्या से अधिक सांसदों के दस्तखत कराए जाएंगे। हालांकि, रणनीतिक तौर पर अभी तय नहीं हुआ है कि इसे लोकसभा में लाया जाएगा या राज्यसभा में। महाभियोग प्रस्ताव को लेकर राजनीतिक रणनीति और समय पर काफी ध्यान दिया जा रहा है।
ममता बनर्जी और टीएमसी का हमलावर रुख
एसआईआर की घोषणा के बाद से ही ममता बनर्जी और उनकी पार्टी चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर हमलावर रुख अपना रही है। टीएमसी बार-बार आरोप लगा रही है कि बीजेपी चुनाव आयोग का दुरुपयोग कर रही है और आयोग उनके इशारों पर काम कर रहा है। ममता ने फाइनल वोटर लिस्ट पर सवाल उठाते हुए कहा कि मनमाने तरीके से नाम हटाए जा रहे हैं और बीजेपी लोकतांत्रिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर अपनी जन-विरोधी महत्वाकांक्षाओं को पूरा कर रही है।
कोलकाता दौरे के दौरान विरोध प्रदर्शन
आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार तीन दिवसीय दौरे पर कोलकाता पहुंचे। इस दौरान कुछ लोगों ने काले झंडे दिखाए और नारेबाजी की। कुमार चुनाव आयोग के अधिकारियों की बैठक में हिस्सा लेने और आगामी चुनाव तैयारियों की समीक्षा करने के लिए कोलकाता आए हैं। राजनीतिक माहौल में सघन विरोध और टीएमसी का हमलावर रुख विधानसभा चुनावों से पहले सियासी लड़ाई को और तेज कर रहा है।








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