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यूक्रेन और पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव, मोदी ने शांति और स्थिरता की आवश्यकता जताई

By Neha
On: Thursday, March 5, 2026 2:52 PM
यूक्रेन और पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव, मोदी ने शांति और स्थिरता की आवश्यकता जताई
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को यूक्रेन और पश्चिम एशिया में चल रहे युद्धों को समाप्त करने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी विवाद का हल युद्ध नहीं बल्कि बातचीत और कूटनीति से निकल सकता है। यह बयान ऐसे समय आया है जब 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद ईरान के साथ तनाव बढ़ गया। दिल्ली में फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीएम मोदी ने कहा कि भारत और फिनलैंड दोनों कानून के शासन, संवाद और कूटनीति में विश्वास रखते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सैन्य टकराव किसी विवाद का समाधान नहीं है और यह बात यूक्रेन और पश्चिम एशिया दोनों पर लागू होती है।

दुनिया में बढ़ती अस्थिरता पर चिंता व्यक्त

पीएम मोदी ने कहा कि आज दुनिया अस्थिरता और अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है। यूक्रेन से लेकर पश्चिम एशिया तक कई क्षेत्रों में संघर्ष जारी है। ऐसे माहौल में भारत और यूरोप के रिश्ते एक नए दौर में प्रवेश कर रहे हैं। मोदी ने जोर देकर कहा कि भारत और यूरोप का बढ़ता सहयोग वैश्विक स्थिरता, विकास और साझा समृद्धि को मजबूत करेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि युद्ध जल्द समाप्त होंगे और स्थायी शांति के प्रयास निरंतर जारी रहेंगे।

यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया की वर्तमान स्थिति

यूक्रेन में संघर्ष फरवरी 2022 में रूस के बड़े सैन्य हमले के बाद शुरू हुआ था। इस युद्ध में अब तक हजारों लोगों की जान जा चुकी है और लाखों लोग अपने घरों से विस्थापित हुए हैं। यूक्रेन को अमेरिका और कई यूरोपीय देशों से सैन्य और आर्थिक मदद मिल रही है। रूस और यूक्रेन के बीच तनाव कई सालों से बढ़ रहा था, खासकर यूक्रेन के NATO में शामिल होने की कोशिश और पश्चिमी देशों के करीब जाने की वजह से। वहीं, पश्चिम एशिया में 28 फरवरी से अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद ईरान के परमाणु कार्यक्रम और सैन्य ठिकानों पर निशाना साधा गया, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया।

ईरान की जवाबी कार्रवाई और बढ़ता खतरा

ईरान ने बड़े स्तर पर जवाबी हमले किए। तेहरान ने इजराइल और खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों पर सैकड़ों मिसाइल और ड्रोन दागे। इसके बाद UAE, सऊदी अरब, इजराइल और कतर ने अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया और एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिए। इस बढ़ते टकराव में अब तक 1,000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। संघर्ष के कारण खाड़ी क्षेत्र में विमान सेवाएं और ऊर्जा से जुड़ी सुविधाएं प्रभावित हुई हैं, हालांकि फंसे हुए लोगों को वापस लाने के लिए सीमित उड़ानें जारी हैं। भारत सहित कई देशों और यूरोपीय राष्ट्रों ने इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है।

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