दावोस/मुंबई।
दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 में महाराष्ट्र ने वैश्विक निवेश और आर्थिक सहयोग के मंच पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में राज्य सरकार ने इस अंतरराष्ट्रीय मंच के माध्यम से भविष्य-उन्मुख विकास नीति, निवेश-अनुकूल वातावरण और संतुलित क्षेत्रीय प्रगति का स्पष्ट संदेश दिया।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में भारत की ओर से 10 राज्यों का प्रतिनिधित्व किया गया, जिनमें महाराष्ट्र का प्रतिनिधित्व करना राज्य के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि दावोस मंच के माध्यम से महाराष्ट्र में उद्योग, सेवा, कृषि और प्रौद्योगिकी सहित विभिन्न क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर निवेश सुनिश्चित हुआ है।
वैश्विक निवेशकों का बढ़ता भरोसा
मुख्यमंत्री के अनुसार, कुल निवेश समझौतों में से 83 प्रतिशत समझौतों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) शामिल है, जबकि 18 देशों से महाराष्ट्र में निवेश आने की पुष्टि हुई है। यह तथ्य राज्य की नीतिगत स्थिरता, पारदर्शी प्रशासन और औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र में वैश्विक निवेशकों के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।
इन निवेशों में एआई, डेटा सेंटर्स, उन्नत तकनीक, सेवा क्षेत्र और नवाचार आधारित उद्योग प्रमुख रूप से शामिल हैं।
संतुलित क्षेत्रीय विकास पर फोकस
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि निवेश केवल मुंबई महानगर क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा। कोंकण, मराठवाड़ा और विदर्भ के साथ-साथ उत्तर महाराष्ट्र के नासिक, अहिल्यानगर, नंदुरबार और धुले जैसे जिलों में भी बड़े पैमाने पर निवेश प्रस्तावित हैं। इससे राज्य में औद्योगिक विकेंद्रीकरण को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
‘तीसरी मुंबई’ में इनोवेशन सिटी
दावोस में की गई प्रमुख घोषणाओं में प्रस्तावित ‘तीसरी मुंबई’ में टाटा सन्स के माध्यम से इनोवेशन सिटी का विकास विशेष महत्व रखता है। यह इनोवेशन सिटी स्टार्ट-अप, अनुसंधान, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उच्च तकनीक आधारित उद्योगों के लिए एक समर्पित केंद्र के रूप में विकसित की जाएगी। इसे भविष्य-सज्जित शहरों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
रायगढ़–पेण ग्रोथ कॉरिडोर का विकास
इसी क्रम में रायगढ़–पेण क्षेत्र में ग्रोथ कॉरिडोर विकसित करने की घोषणा भी की गई है। बीकेसी की तर्ज पर, एमएमआरडीए और निजी क्षेत्र के सहयोग से यहां एक आधुनिक व्यावसायिक एवं आर्थिक केंद्र स्थापित किया जाएगा। कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने इसमें निवेश की घोषणा की है, जिससे यह क्षेत्र आने वाले समय में नई आर्थिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बन सकता है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र के लिए इस वर्ष का दावोस दौरा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश और रोजगार सृजन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। इस पहल के माध्यम से राज्य में बड़े पैमाने पर निवेश, नवाचार-आधारित विकास और रोजगार के व्यापक अवसर सृजित होने की दिशा में ठोस आधार तैयार हुआ है।







