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सातपाटी मत्स्य बंदरगाह का विकास बनेगा पालघर की आर्थिक प्रगति का आधार: पालक मंत्री गणेश नाईक

On: Friday, May 8, 2026 11:34 PM
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पालघर | ८ मई, २०२६
पालघर जिले के सर्वांगीण विकास की दिशा में आज एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया। राज्य के वन मंत्री तथा जिले के पालक मंत्री श्री गणेश नाईक ने विश्वास व्यक्त किया है कि सातपाटी मत्स्य बंदरगाह का आधुनिकिकरण केवल एक बुनियादी ढांचा परियोजना नहीं है, बल्कि यह पालघर जिले के आर्थिक परिवर्तन की आधारशिला (फाउंडेशन) सिद्ध होगा।
आज पालघर के प्रमुख मत्स्य पालन केंद्र सातपाटी में लगभग ३५० करोड़ रुपये की लागत वाली अत्याधुनिक मत्स्य बंदरगाह विकास परियोजना का भूमिपूजन समारोह गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ।

२४ महीने में पूर्ण होगा आधुनिक बंदरगाह का संकल्प
इस अवसर पर राज्य के मत्स्य पालन एवं बंदरगाह मंत्री श्री नितेश राणे ने परियोजना की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि महाराष्ट्र सरकार और महाराष्ट्र सागरी मंडल (MMB) के माध्यम से क्रियान्वित होने वाली यह परियोजना पारंपरिक मछुआरों के जीवन में समृद्धि लाएगी। उन्होंने घोषणा की कि इस कार्य को अगले २४ महीनों के भीतर पूर्ण कर लिया जाएगा और इसका उद्घाटन मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस के कर-कमलों द्वारा संपन्न होगा। मंत्री राणे ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि कार्य की गुणवत्ता और समयसीमा में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मछुआरों का कल्याण सरकार की प्राथमिकता
पालक मंत्री श्री गणेश नाईक ने स्थानीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार समुद्र में जीवन जोखिम में डालकर काम करने वाले मछुआरों की कठिनाइयों से भली-भांति परिचित है। उन्होंने ‘वाधवन बंदरगाह’ के संदर्भ में भी स्थानीय भूमिपुत्रों के हितों की रक्षा करने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि सातपाटी का विकास इस स्तर पर किया जा रहा है कि भविष्य में यह क्षेत्र नगर पालिका बनने की योग्यता रखेगा।

मत्स्य पालन को कृषि का दर्जा और तकनीक का उपयोग
मत्स्य पालन मंत्री श्री नितेश राणे ने जानकारी दी कि सरकार ने मत्स्य पालन को कृषि का दर्जा देकर एक क्रांतिकारी निर्णय लिया है। इससे मछुआरों को किसान क्रेडिट कार्ड और विभिन्न सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिल रहा है। विभाग का बजट २१२ करोड़ से बढ़ाकर १२४० करोड़ रुपये कर दिया गया है।
अवैध मासेमारी पर प्रहार करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि एलईडी (LED) मासेमारी के खिलाफ सरकार ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपना रही है। ड्रोन के माध्यम से निगरानी शुरू कर दी गई है और अब तक एक हजार से अधिक नौकाओं पर दंडात्मक कार्रवाई की जा चुकी है।

परियोजना की मुख्य विशेषताएं:
लागत: ३५० करोड़ रुपये।
सुविधाएं: बंदरगाह का गहरीकरण (Dredging), आधुनिक जेटी का निर्माण, मछली प्रसंस्करण (Processing) केंद्र।
उद्देश्य: सुरक्षित नौका परिवहन, रोजगार सृजन और पर्यटन को बढ़ावा देना।

गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति:
इस भूमिपूजन समारोह में सांसद डॉ. हेमंत सवरा, विधायक राजेंद्र गावित, मनीषा चौधरी, राजन नाईक, विलास तरे, जिलाधिकारी डॉ. इंदु रानी जाखड़, मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज रानडे, पुलिस अधीक्षक यतीश देशमुख, उप वन संरक्षक दिवाकर निरंजन, जिला परिषद के पूर्व अध्यक्ष प्रकाश निकम, सातपाटी की सरपंच सीमा भोईर सहित मत्स्य सहकारी संस्थाओं के पदाधिकारी एवं भारी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

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