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वाधवन बंदरगाह परियोजना: मुआवजे को लेकर प्रशासन की सख्त चेतावनी, बिचौलियों से सावधान रहने की अपील

On: Sunday, April 26, 2026 9:26 AM
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पालघर | २५ अप्रैल, २०२६
वाधवन बंदरगाह परियोजना के लिए सड़क और रेल मार्ग निर्माण हेतु भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया अब निर्णायक चरण में है। इस बीच, पालघर जिला प्रशासन ने मुआवजे के वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और भ्रष्टाचार को रोकने के लिए एक महत्वपूर्ण प्रेस नोट जारी किया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक शिकायत का निवारण किया जा रहा है और वरिष्ठ अधिकारी स्वयं जमीनी स्तर पर उतरकर किसानों की शंकाओं को दूर कर रहे हैं।
इन गांवों के लिए मुआवजे की घोषणा
राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम १९५६ की धारा ३ (जी) के तहत पालघर तालुका के निम्नलिखित गांवों की अधिग्रहित भूमि के लिए मुआवजे (अवॉर्ड) की घोषणा की गई है:
नेवाळे, राणीशिगाव, सुमडी, गारगाव, चिंचारे, आवेकवाण, नानिवली, आंबधे, आकोली, रावते, शिगाव और खताळे।
प्रशासन ने इन गांवों के भू-धारकों को मुआवजे की राशि स्वीकार करने के लिए नोटिस जारी कर दिए हैं।
बिचौलियों और ‘कमीशन’ से सावधान रहने की चेतावनी
सक्षम प्राधिकारी और उप-जिलाधिकारी (पुनर्वास), श्री तेनस चव्हाण द्वारा जारी प्रेस नोट में किसानों को सतर्क किया गया है। प्रशासन के संज्ञान में आया है कि कुछ तीसरे पक्ष या बिचौलिए प्रभावित खाताधारकों से मुआवजा दिलाने के नाम पर पैसों (कमीशन) की मांग कर रहे हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट रूप से कहा है:
“मुआवजा वितरण की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है और सरकारी नियमों के अनुसार सीधे बैंक खाते में की जाती है। इसके लिए किसी भी व्यक्ति को ‘कमीशन’ या ‘फीस’ देने की आवश्यकता नहीं है। यदि कोई व्यक्ति मुआवजे का झांसा देकर पैसों की मांग करता है, तो तुरंत भूमि अधिग्रहण अधिकारी को इसकी सूचना दें।”

पारदर्शिता के लिए ‘ग्राउंड जीरो’ पर टीम
जिलाधिकारी डॉ. इंदु रानी जाखर के निर्देशानुसार, जिला SLR, जिला कृषि अधीक्षक और भूमि अधिग्रहण टीम आज *वांगाव* में मौजूद रही। अधिकारियों ने स्थानीय नागरिकों से सीधे संवाद किया और विशेष रूप से ‘गोला सर्वे’ से जुड़ी विसंगतियों को दूर करने पर ध्यान दिया।
मुख्य बिंदु:
सख्त जांच: पेड़ों की गणना (ट्री सेंसस) और वृक्षारोपण के मूल्यांकन की दोबारा जांच CALA द्वारा स्वतंत्र रूप से की जा रही है।
डिजिटल भुगतान: सभी दस्तावेज जमा होने के बाद मुआवजा सीधे संबंधित व्यक्ति के व्यक्तिगत बैंक खाते में जमा किया जाएगा।
आर्थिक पैकेज: १०,००० भू-धारकों के लिए ₹२३०० करोड़ का सर्वसमावेशक पैकेज तय किया गया है, जिसमें से २६१ धारकों को भुगतान किया जा चुका है।
वारिस पंजीकरण और सहायता शिविर
प्रशासन ने दस्तावेजीकरण में मदद के लिए डहाणू और पालघर में २० विशेष शिविर आयोजित किए हैं। अब तक ३५० वारिस पंजीकरण (Varas Nondni) मामले सुलझाए गए हैं। बैंक प्रतिनिधि भी इन शिविरों में मौजूद हैं, जो किसानों को मुआवजे की राशि के सुरक्षित निवेश और वित्तीय सुरक्षा के बारे में सलाह दे रहे हैं।
आह्वान
प्रभावित नागरिकों से अपील की गई है कि वे *आगामी सोमवार* तक अपने आवेदन और आवश्यक दस्तावेज संबंधित भूमि अधिग्रहण अधिकारी या तलाठी कार्यालय (पालघर/डहाणू) में स्वयं जमा करें। प्रशासन ने प्रतिबद्धता जताई है कि वह किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार या गलत प्रविष्टियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करेगा और न्यायसंगत तरीके से प्रक्रिया पूर्ण करेगा।

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