
पालघर, २५ मई २०२५:
आजकल खेती-किसानी से लेकर शादी-ब्याह में फोटो और वीडियो खींचने तक, हर जगह ड्रोन (आसमान में उड़ने वाला कैमरा) का इस्तेमाल बढ़ गया है। ड्रोन की इसी मांग को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार की एक संस्था युवाओं को बिल्कुल मुफ्त (फ्री) में ड्रोन चलाने की ट्रेनिंग दे रही है।
इतना ही नहीं, ट्रेनिंग पूरी होने के बाद आपको ड्रोन उड़ाने का सरकारी लाइसेंस (परमिशन) भी मिलेगा। यह शानदार योजना ‘अमृत’ (AMRUT) संस्था की तरफ से चलाई जा रही है। अगर आप भी यह कोर्स करना चाहते हैं, तो तुरंत अपने जिले के ‘अमृत’ ऑफिस में जाकर या ऑनलाइन फॉर्म भरकर आवेदन कर सकते हैं।
क्या है यह योजना और इसके फायदे?
१० दिनों का कोर्स: यह १० दिनों का खास कोर्स है, जहां रहकर आपको ट्रेनिंग लेनी होगी।
रहना-खाना बिल्कुल मुफ्त: इन १० दिनों के दौरान आपके रहने और खाने-पीने का पूरा खर्चा सरकार उठाएगी। आपको एक भी रुपया नहीं देना है।
प्रैक्टिकल पर जोर: यहाँ सिर्फ किताबी पढ़ाई नहीं, बल्कि हाथ से ड्रोन उड़ाना और उसे सुधारना (रिपेयर करना) सिखाया जाता है।
बिजनेस के लिए लोन: कोर्स पूरा होने के बाद अगर आप खुद का ड्रोन खरीदकर बिजनेस शुरू करना चाहते हैं, तो सरकार की तरफ से लोन के ब्याज में छूट का फायदा भी मिलेगा।
इस ट्रेनिंग का फायदा अब तक १०० से ज्यादा लोग उठा चुके हैं और खुद की कमाई शुरू कर चुके हैं। इसकी कामयाबी को देखकर गोवा सरकार ने भी अपने ३० अधिकारियों को यहाँ ट्रेनिंग के लिए भेजा था। पूरे महाराष्ट्र में ८ जगहों पर यह ट्रेनिंग दी जा रही है।
ड्रोन सीखकर कहाँ मिलेगी नौकरी या काम?
ड्रोन चलाने वालों की आज बाजार में बहुत मांग है। यह कोर्स करके आप नीचे दिए गए कामों से अच्छी कमाई कर सकते हैं:
- खेतों में दवाइयों का छिड़काव करना।
- फसलों और जमीनों की नाप-जोख (सर्वे) करना।
- शादियों और सरकारी कार्यक्रमों में वीडियो-फोटो खींचना।
कौन ले सकता है इस योजना का लाभ? (नियम व शर्तें)
यह योजना महाराष्ट्र के सामान्य वर्ग (ओपन कैटेगरी) के उन गरीब परिवारों के लिए है, जिन्हें किसी अन्य सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल रहा है।
जरूरी नियम:
- जाति: आवेदक ब्राह्मण, कायस्थ, कोमटी/वैश्य, मारवाडी, पटेल, राजपूत, यलमार, अय्यंगार, राजपुरोहित, पाटीदार, नायर, नायडू, कम्मा, कानबी, सिंधी, बनिया, बंगाली, त्यागी, सेनगुनथर, गुजराती, ठाकुर, जाट, लोहाना, हिंदू नेपाली या भूमिहार (इन २५ जातियों में से) होना चाहिए।
- निवासी: उम्मीदवार महाराष्ट्र का रहने वाला होना चाहिए।
- उम्र: १८ वर्ष से ५५ वर्ष के बीच होनी चाहिए।
- पढ़ाई: कम से कम १२वीं पास होना जरूरी है।
- कमदनी: परिवार की सालभर की कमाई (वार्षिक आय) ८ लाख रुपये से कम होनी चाहिए।
- प्राथमिकता: किसान परिवार के युवाओं को पहला मौका दिया जाएगा।
- मेडिकल सर्टिफिकेट: डॉक्टर से शारीरिक रूप से फिट होने का सर्टिफिकेट (दाखला) लेना जरूरी है।
आवेदन कैसे करें?
‘अमृत’ संस्था का मुख्य ऑफिस पुणे में है, लेकिन इसके दफ्तर महाराष्ट्र के सभी ३६ जिलों में हैं। यहाँ सारा काम ऑनलाइन और बिना किसी भेदभाव के होता है। आपको सीधे वेबसाइट पर जाकर अपना फॉर्म भरना होगा।
फोन पर जानकारी के लिए संपर्क करें: अमित आठवले (९९७५११७८०७)
फॉर्म भरने और अधिक जानकारी के लिए इस लिंक पर क्लिक करें:
https://app.mahaamrut.org.in/amrut-new/scheme/245






