पालघर, २६ जून, २०२६:
छत्रपति संभाजी महाराज की जयंती के उपलक्ष्य में धुकटण स्थित संरक्षित वन क्षेत्र में पर्यावरण संवर्धन को समर्पित एक वृक्षारोपण एवं वृक्ष संवर्धन अभियान का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम वन विभाग, पालघर (प्रादेशिक) और स्थानीय सामाजिक संगठनों के संयुक्त प्रयासों से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
अभियान का उद्देश्य और वन विभाग का मार्गदर्शन
कार्यक्रम के दौरान वन परिक्षेत्र अधिकारी (प्रादेशिक), पालघर, श्री सुशील गंगाधर नांदवटे ने उपस्थित नागरिकों को संबोधित करते हुए वृक्षारोपण के वैज्ञानिक और पर्यावरणीय महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने स्पष्ट किया कि वृक्षारोपण केवल एक प्रतीकात्मक गतिविधि नहीं है, बल्कि यह समय की आवश्यकता है। उन्होंने बढ़ते तापमान, जलवायु परिवर्तन और जैव विविधता पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों का उल्लेख करते हुए वृक्षों के संरक्षण और संवर्धन को प्रत्येक नागरिक की सामाजिक व नैतिक जिम्मेदारी बताया।
लोकसहभागिता की भूमिका
इस उपक्रम को ‘हरित पालघर’ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। कार्यक्रम में वीर धरतीपुत्र ग्रुप के अध्यक्ष श्री सचिन भोईर, पालघर कॉन्ट्रैक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री अतुल घरत, ग्राम पंचायत धुकटण की सरपंच श्रीमती प्रतिभा भोईर तथा उपसरपंच श्रीमती अपूर्वा अतुल घरत ने सक्रिय भूमिका निभाई। इनके साथ-साथ बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, युवाओं और स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने सहभागिता दर्ज कराई। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और संस्थाओं के इस सक्रिय योगदान से कार्यक्रम ने सामुदायिक जुड़ाव का रूप लिया।
भविष्य की कार्ययोजना: १ जुलाई का कार्यक्रम
वन विभाग, पालघर द्वारा पर्यावरण संरक्षण की इस मुहिम को निरंतरता प्रदान करने हेतु आगामी १ जुलाई २०२६ को नवली स्थित संरक्षित वन क्षेत्र में एक और वृक्षारोपण तथा ‘बीज गोले’ (Seed Ball) प्रक्षेपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। यह पहल विशेष रूप से वनीकरण की गति बढ़ाने के उद्देश्य से की गई है। वन विभाग ने विद्यार्थियों, वृक्ष प्रेमियों और सामाजिक संगठनों को इस लोक-अभियान में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है। कार्यक्रम संबंधी अधिक जानकारी के लिए वन विभाग के श्री विसपुते (मोबाइल: ८२०८५४००३२) से संपर्क किया जा सकता है।
आभार प्रदर्शन
कार्यक्रम के सफल आयोजन में श्री प्रशांत गोवारी (अध्यक्ष, वीर धरतीपुत्र ग्रुप) सहित वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों—श्री सुशील विसपुते, सुनील घुटे, कांबले, प्रदीप कांबडी, निखिल हमरे और प्रमोद घेगड का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम का समापन श्री अतुल घरत द्वारा आभार प्रदर्शन के साथ हुआ।






