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वाधवन बंदरगाह ग्रीनफील्ड हाईवे परियोजना: भूमि अधिग्रहण ‘मुआवजे के वितरण में आई तेजी, भू-स्वामियों के लिए विशेष शिविर; वित्तीय मार्गदर्शन पर रहेगा जोर

By Neha
On: Friday, March 27, 2026 2:38 PM
वाधवन बंदरगाह ग्रीनफील्ड हाईवे परियोजना: भूमि अधिग्रहण 'मुआवजे के वितरण में आई तेजी, भू-स्वामियों के लिए विशेष शिविर; वित्तीय मार्गदर्शन पर रहेगा जोर
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पालघर, 26 मार्च: वाधवन बंदरगाह ग्रीनफील्ड हाईवे परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण मुआवजे के वितरण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जिला प्रशासन ने एक व्यापक तंत्र विकसित किया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भू-स्वामियों को मुआवजा सुचारू और पारदर्शी तरीके से प्राप्त हो। इस संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय जिला कलेक्टर डॉ. इंदु रानी जाखड़ की अध्यक्षता में आयोजित एक बैठक में लिए गए।

इस बैठक में उप-कलेक्टर महेश सागर और तेजस चव्हाण, NHAI के सहायक प्रबंधक संचित मंगला, विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि और पालघर व डहाणू तालुका के अधिकारी, जिनमें सक्षम प्राधिकारी (CALA), बैंक अधिकारी, परियोजना अधिकारी, मंडल अधिकारी और ग्राम राजस्व अधिकारी शामिल थे।

प्रमुख बिंदु और निर्देश:

  • सीधा भुगतान: मुआवजे की राशि संबंधित भू-स्वामियों के बैंक खातों में सीधे RTGS के माध्यम से जमा की जाएगी। जिला कलेक्टर ने निर्देश दिया कि सभी आवश्यक दस्तावेजों को अपडेट रखा जाए।
  • दस्तावेजीकरण और विशेष शिविर: भू-स्वामियों को अपडेटेड 7/12 अर्क (उतारा) और फेरफार (mutation) रिकॉर्ड जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। जिन मामलों में वारिसों के नाम दर्ज होना लंबित हैं, वहां ग्राम राजस्व अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर काम पूरा करने का निर्देश दिया गया है। जिला कलेक्टर डॉ. इंदु रानी जाखड़ ने बताया कि इसके लिए तलाठी कार्यालयों और ग्राम पंचायत कार्यालयों में विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे।
  • अनुपस्थित भू-स्वामी: नोटिस तामील के दौरान अनुपस्थित रहे भू-स्वामियों से पुनः संपर्क करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि आवश्यक हो, तो नोटिस सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किए जाने चाहिए और उसी के अनुसार पंचनामा किया जाना चाहिए।

वित्तीय सुरक्षा और निवेश सलाह

जिला कलेक्टर ने भू-स्वामियों से अपील की कि वे मुआवजे की राशि को जल्दबाजी में खर्च न करें, बल्कि इसे सुरक्षित विकल्पों जैसे:

  • नई भूमि की खरीद।
  • बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD)।
  • पोस्ट ऑफिस बचत योजनाओं में निवेश करें।

बैंकों को निर्देश दिया गया है कि वे भू-स्वामियों को आय के स्थायी स्रोत बनाने में मार्गदर्शन प्रदान करें। साथ ही, बैंकों को बड़े लेनदेन के लिए सीमा तय करने और बड़ी निकासी के लिए परिवार के सदस्यों की सहमति प्राप्त करने जैसी प्रणालियां लागू करने के लिए कहा गया है।

साइबर सुरक्षा और बिचौलियों से बचाव

  • साइबर धोखाधड़ी: बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए, भू-स्वामियों को सलाह दी गई है कि वे किसी के साथ भी अपना OTP या बैंक विवरण साझा न करें। बैंक और पुलिस विभाग को इस संबंध में जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है।
  • सीधा संपर्क: जिला कलेक्टर डॉ. इंदु रानी जाखड़ ने भू-स्वामियों से अपील की कि वे बिचौलियों, एजेंटों या दलालों के चक्कर में न पड़ें। किसी भी प्रक्रिया के लिए सीधे सक्षम प्राधिकारी (CALA) या तलाठी कार्यालय से संपर्क करें।

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