पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले राजनीतिक माहौल तेजी से बदल गया है। AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने हुमायूं कबीर की पार्टी के साथ अपना गठबंधन समाप्त करने की घोषणा कर दी है। इस फैसले ने राज्य की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। ओवैसी की पार्टी ने साफ कर दिया है कि अब वह बंगाल में अकेले चुनाव लड़ेगी। यह घोषणा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आधिकारिक पोस्ट के जरिए की गई। पार्टी ने कहा कि वह किसी भी ऐसे राजनीतिक गठबंधन का हिस्सा नहीं रह सकती जिसमें समुदाय की गरिमा और सुरक्षा पर सवाल उठते हों। इस कदम को आगामी चुनावी रणनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। AIMIM ने यह भी संकेत दिया है कि वह अब स्वतंत्र रूप से हाशिए पर पड़े समुदायों की आवाज बनने की कोशिश करेगी। इस फैसले से बंगाल की चुनावी राजनीति में नई प्रतिस्पर्धा देखने को मिल सकती है।

सोशल मीडिया पोस्ट और AIMIM का रुख
AIMIM ने अपने आधिकारिक बयान में हुमायूं कबीर से जुड़े हालिया खुलासों को गंभीर बताया है। पार्टी ने कहा कि वायरल वीडियो और उससे जुड़ी चर्चाओं ने बंगाल के मुस्लिम समुदाय की असुरक्षा को उजागर किया है। पार्टी ने स्पष्ट किया कि वह ऐसे किसी भी बयान या स्थिति का समर्थन नहीं कर सकती जिससे किसी समुदाय की गरिमा प्रभावित होती हो। एक्स पर जारी पोस्ट में कहा गया कि अब से हुमायूं कबीर की पार्टी के साथ सभी राजनीतिक संबंध समाप्त कर दिए गए हैं। AIMIM ने यह भी कहा कि बंगाल के मुस्लिम समुदाय को दशकों से उपेक्षा का सामना करना पड़ा है और उन्हें मजबूत राजनीतिक प्रतिनिधित्व की आवश्यकता है। पार्टी का दावा है कि वह इसी उद्देश्य के साथ चुनाव में उतर रही है। AIMIM ने दोहराया कि वह किसी भी अन्य दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी और पूरी तरह स्वतंत्र रूप से चुनावी मैदान में उतरेगी।
वायरल वीडियो से शुरू हुआ विवाद और राजनीतिक आरोप
इस पूरे विवाद की जड़ एक कथित वायरल वीडियो है जिसने बंगाल की राजनीति को हिला दिया है। वीडियो में हुमायूं कबीर को कथित रूप से यह कहते हुए सुना गया कि वह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को सत्ता से हटाने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। वीडियो में यह भी दावा किया गया कि वह भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के संपर्क में हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद तृणमूल कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी और इसे प्रेस कॉन्फ्रेंस में सार्वजनिक किया। टीएमसी ने आरोप लगाया कि इसमें विपक्षी नेताओं और केंद्रीय एजेंसियों से संबंधों के संकेत हैं। पार्टी ने इस मामले की ईडी जांच की मांग भी की है। वीडियो को लेकर राजनीतिक आरोप प्रत्यारोप तेज हो गए हैं और राज्य की चुनावी स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो गई है। इस घटनाक्रम ने सभी प्रमुख दलों को अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर कर दिया है।
हुमायूं कबीर के दावे और चुनावी रणनीति पर सवाल
विवादित वीडियो में हुमायूं कबीर को कथित रूप से यह कहते हुए भी दिखाया गया कि उनकी राजनीतिक रणनीति अल्पसंख्यक वोटों को अपने पक्ष में करने पर केंद्रित है। दावा किया जा रहा है कि इस बदलाव से चुनावी समीकरण प्रभावित हो सकते हैं और कुछ दलों को अप्रत्यक्ष लाभ मिल सकता है। वीडियो में यह भी कहा गया कि रणनीति को लागू करने के लिए भारी वित्तीय संसाधनों की आवश्यकता होगी। इसके बाद से राजनीतिक हलकों में कई सवाल उठने लगे हैं। कबीर ने हाल ही में तृणमूल कांग्रेस से निलंबन के बाद अपनी अलग पार्टी आम जनता उन्नयन पार्टी बनाई थी। अब इस नए विवाद ने उनकी राजनीतिक विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दूसरी ओर AIMIM के गठबंधन तोड़ने से बंगाल चुनाव में मुकाबला और अधिक त्रिकोणीय और अनिश्चित हो गया है। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े राजनीतिक खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।








