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TMC का स्टिंग वीडियो बम बीजेपी नेताओं पर करोड़ों की डील का बड़ा आरोप

By Neha
On: Thursday, April 9, 2026 4:06 PM
TMC का स्टिंग वीडियो बम बीजेपी नेताओं पर करोड़ों की डील का बड़ा आरोप
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पश्चिम बंगाल की सियासत में उस समय बड़ा उबाल आ गया जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने एक कथित स्टिंग ऑपरेशन वीडियो सार्वजनिक किया। इस वीडियो को लेकर पार्टी ने गंभीर आरोप लगाए हैं और दावा किया है कि इसमें हुमायूं कबीर और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कुछ बड़े नेताओं के बीच कथित तौर पर करोड़ों रुपये की डील से जुड़ी बातचीत सामने आती है। TMC का कहना है कि यह मामला केवल एक वीडियो नहीं बल्कि एक बड़े राजनीतिक और वित्तीय गठजोड़ की ओर इशारा करता है, जिसकी निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है।

वीडियो में 1000 करोड़ की डील का दावा

TMC के अनुसार जारी किए गए इस कथित स्टिंग वीडियो में हुमायूं कबीर को 1000 करोड़ रुपये की डील की बात करते हुए दिखाया गया है। आरोप है कि वीडियो में 300 करोड़ रुपये एडवांस देने का भी उल्लेख किया गया है, जो इस पूरे मामले को और अधिक गंभीर बनाता है। पार्टी का दावा है कि इस तरह की बातचीत अगर सही पाई जाती है तो यह न केवल राजनीतिक बल्कि आर्थिक स्तर पर भी बड़े सवाल खड़े करती है। हालांकि, इस वीडियो की सत्यता को लेकर स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन इसके सामने आने के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।

बड़े नेताओं के नाम और TMC की प्रेस कॉन्फ्रेंस

इस विवाद को और तूल तब मिला जब TMC ने आरोप लगाया कि इस कथित डील में कई बड़े नेताओं के नाम सामने आए हैं। पार्टी के मुताबिक इसमें मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, पश्चिम बंगाल के नेता शुभेंदु अधिकारी और पीएमओ का भी संदर्भ बताया गया है। इस मुद्दे पर TMC नेताओं फिरहाद हकीम, अरूप बिस्वास और कुणाल घोष ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसे एक “बड़ा खुलासा” करार दिया। उन्होंने कहा कि यह मामला बेहद संवेदनशील है और इससे जुड़े हर पहलू की गहन जांच होनी चाहिए।

ED जांच की मांग और चुनावी सियासत में तनाव

TMC ने इस पूरे मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) से कराने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि इतने बड़े स्तर पर वित्तीय लेन-देन के आरोपों की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच आवश्यक है, ताकि सच्चाई सामने आ सके। वहीं, इसे पश्चिम बंगाल में आगामी चुनावों से जोड़कर भी देखा जा रहा है। TMC ने आरोप लगाया है कि यह एक सोची-समझी राजनीतिक साजिश हो सकती है, जिसका उद्देश्य चुनावी माहौल को प्रभावित करना है। इस घटनाक्रम के बाद राज्य की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और अधिक गरमाने की संभावना है।

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