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आपसी रंजिश या सुनियोजित साजिश, गाजियाबाद हत्याकांड में चौंकाने वाली परतें खुलीं

By Neha
On: Tuesday, June 2, 2026 1:57 PM
आपसी रंजिश या सुनियोजित साजिश, गाजियाबाद हत्याकांड में चौंकाने वाली परतें खुलीं
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गाजियाबाद में बकरीद के दिन हुई एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को दहला दिया था। इस वारदात में युवक सूर्य प्रताप सिंह की बेरहमी से चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद शुरुआती जांच में इसे स्थानीय विवाद और आपसी रंजिश का मामला माना जा रहा था। लेकिन जैसे जैसे पुलिस ने अपनी जांच को आगे बढ़ाया वैसे वैसे इस केस में कई जिलों तक फैला एक जटिल नेटवर्क सामने आने लगा। इस खुलासे ने पूरे मामले को और भी गंभीर बना दिया है।

जांच में पीलीभीत कनेक्शन सामने आने से बढ़ी पुलिस की चुनौती

पुलिस की जांच में अब यह सामने आया है कि इस हत्याकांड का सीधा संबंध उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले से जुड़ गया है। जांच के दौरान पीलीभीत शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला बुजकसावान में रहने वाले दो युवकों फरहान और आतिफ के नाम सामने आए हैं। दोनों की भूमिका इस मामले में संदिग्ध पाई गई है। इसके बाद गाजियाबाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच की दिशा बदल दी और पीलीभीत तक अपनी टीम को सक्रिय कर दिया।

हत्या में इस्तेमाल हथियार उपलब्ध कराने का गंभीर आरोप

पुलिस जांच रिपोर्ट में सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ है कि फरहान पर हत्या में इस्तेमाल किए गए चाकू को उपलब्ध कराने का आरोप है। इसी आधार पर उसे इस पूरे मामले में एक अहम आरोपी माना जा रहा है। पुलिस का मानना है कि यह घटना किसी अचानक हुए विवाद का नतीजा नहीं बल्कि एक पहले से तैयार की गई योजना का हिस्सा हो सकती है। इस केस में कई लोगों की भूमिका संदिग्ध पाई जा रही है जिससे जांच और भी पेचीदा हो गई है।

पीलीभीत में गुपचुप दबिश और आरोपियों की गिरफ्तारी

गाजियाबाद पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और लोकेशन ट्रेसिंग के आधार पर पीलीभीत में दबिश दी। पुलिस टीम ने आरोपियों के घर पहुंचकर उनके परिजनों और आसपास के लोगों से गहन पूछताछ की। यह पूरी कार्रवाई बेहद गोपनीय तरीके से की गई ताकि जांच की दिशा प्रभावित न हो। देर शाम पुलिस ने दोनों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।

आपराधिक इतिहास और बड़े नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस

जांच में यह भी सामने आया है कि फरहान के परिवार का पहले से आपराधिक इतिहास रहा है। उसके पिता और ताऊ पहले भी हत्या और चोरी जैसे गंभीर मामलों में जेल जा चुके हैं। वहीं आतिफ का परिवार पहले बैंड का काम करता था लेकिन आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण अब मजदूरी कर रहा था। बताया जा रहा है कि मुख्य आरोपी असद से दोनों की दोस्ती गाजियाबाद में रहने के दौरान हुई थी। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि क्या इस हत्या में और लोग भी शामिल थे या यह केवल कुछ युवकों की सुनियोजित साजिश थी।

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