पालघर ब्यूरो चीफ | अमृता सिंह
सनातन धर्म केवल आस्था का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह जीवन को दिशा देने वाला मार्गदर्शक है। इसी आध्यात्मिक दृष्टि से, पालघर जिले के हलोली क्षेत्र में स्थित शिव शक्ति धाम में 28 दिसंबर 2025 से 1 जनवरी 2026 तक द्वादश कुण्डीय शिव शक्ति महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है।
यह महायज्ञ केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं है; यह मानव मन, जीवन और समाज को संस्कारित करने का दिव्य प्रयास है। प्रत्येक यज्ञकुण्ड में उठती अग्नि और वैदिक मंत्रों की गूंज श्रद्धालुओं के हृदय में शांति, श्रद्धा और चेतना का संचार करेगी।
मंगल कलश यात्रा से प्रारंभ होने वाली आध्यात्मिक ऊर्जा
महायज्ञ का शुभारंभ मंगल कलश यात्रा से होगा। इसमें महिलाएं, युवा और भक्तजन मिलकर भाग लेंगे। यह यात्रा न केवल स्थल पर बल्कि प्रत्येक सहभागी के हृदय में आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मक अनुभूति का संचार करेगी।
इसके पश्चात, काशी के प्रकांड विद्वान चारों वेद—ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद—का शुद्ध और विधिपूर्वक पाठ करेंगे। वैदिक मंत्रों की पवित्र ध्वनि श्रद्धालुओं के जीवन में मानसिक शांति, आरोग्य, पारिवारिक कल्याण और कर्मजन्य बाधाओं से मुक्ति का मार्ग खोलती है।
दिव्य संतों का मार्गदर्शन
इस महायज्ञ में दो दिव्य संतों का विशेष सान्निध्य रहेगा:
परम पूज्य डॉ. नरेंद्र नाथ जी महाराज
आचार्य पंकज जी महाराज, पीठाधीश्वर – शिव शक्ति धाम
संतों के सान्निध्य में संपन्न प्रत्येक अनुष्ठान केवल कर्मकांड नहीं, बल्कि आध्यात्मिक अनुभूति और जीवन में उज्ज्वल बदलाव का माध्यम बनेगा।
गुरु परंपरा और सेवा का भावपूर्ण आह्वान
गुरुदेव भगवान अच्युतानंद आश्रम सेवा संस्थान श्रद्धालुओं से आह्वान करता है:
“इस महायज्ञ में तन, मन और धन से सहभागी बनकर आप न केवल पुण्य कमाएंगे, बल्कि अपने जीवन को यशस्वी, सार्थक और चिरंजीवी बनाएंगे। सेवा और साधना से ही आत्मा की पूर्ण उन्नति संभव है।”
यह यज्ञ केवल दर्शन का अवसर नहीं है, बल्कि भाग लेने, सेवा करने और जीवन को आध्यात्मिक ऊर्जा से आलोकित करने का अनमोल अवसर है।
सहभागिता के अवसर
भक्त निम्न कार्यों में सक्रिय सहभागिता कर सकते हैं:
यज्ञ सेवा
व्यवस्थापन सहयोग
प्रसाद वितरण
साधना में सहभागिता
इनमें भाग लेकर प्रत्येक श्रद्धालु अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन, मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति का अनुभव करेगा।
प्रतिदिन के वैदिक अनुष्ठान
प्रातः 7:30 – 8:30: वैदिक अग्निहोत्र
प्रातः 8:30 – 10:30: वेद-वेदांग सहित संपूर्ण वैदिक विधान
1 जनवरी 2026 (सायंकाल): पूर्णाहुति एवं महाप्रसाद वितरण
इन विधियों और अनुष्ठानों के माध्यम से श्रद्धालुओं के लिए मानसिक शांति, आरोग्य, पारिवारिक सुख-समृद्धि और जीवन की बाधाओं का समाधान होगा।
भक्तों के लिए व्यवस्थाएँ
स्थान: मुंबई–अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग के निकट
सुविधाएँ: पार्किंग, बैठने की व्यवस्था, चिकित्सा सुविधा, सुरक्षा, पेयजल
स्वयंसेवक: अपेक्षित भीड़ के अनुसार अतिरिक्त स्वयंसेवक तैनात
श्रद्धालु किसी भी असुविधा के बिना पूर्ण मनोयोग से सेवा और साधना कर सकेंगे।
संपर्क और आयोजन
यह दिव्य आयोजन शिव शक्ति धाम, हलोली एवं समस्त शिव शक्ति परिवार द्वारा आयोजित किया जा रहा है।
संपर्क: 9833036182, 7798521237, 9022965439






