अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में एक कार्यक्रम के दौरान लगे ‘भारत माता की जय’ के नारों के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इस मुद्दे पर बीजेपी सांसद सतीश गौतम की प्रतिक्रिया ने बहस को नया मोड़ दे दिया है, वहीं उन्होंने मोहर्रम को लेकर भी प्रशासनिक सख्ती की बात कही है।

AMU में लगे नारों पर बढ़ी चर्चा
हाल ही में उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री Dinesh Pratap Singh अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे। इस दौरान उन्होंने ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए, जिसके बाद यह घटना राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का विषय बन गई। सोशल मीडिया पर भी इसको लेकर विभिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आईं।
सांसद सतीश गौतम ने क्या कहा?
अलीगढ़ से बीजेपी सांसद Satish Gautam ने इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए दावा किया कि अलीगढ़ का माहौल बदल रहा है। उन्होंने कहा कि जनता ने उन्हें लगातार तीन बार सांसद चुना है और उनके नेतृत्व में शहर की फिजा में बदलाव दिखाई दे रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि अब विश्वविद्यालय परिसर के भीतर भी नए तरह का माहौल देखने को मिल रहा है।
राजनीतिक बयानबाजी हुई तेज
सांसद के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में बहस शुरू हो गई है। समर्थक इसे बदलते सामाजिक माहौल का संकेत बता रहे हैं, जबकि विरोधी दल इसे राजनीतिक संदेश देने की कोशिश के रूप में देख रहे हैं। विश्वविद्यालय और राजनीति का यह मुद्दा अब व्यापक चर्चा का विषय बन गया है।
मोहर्रम को लेकर भी दिया संदेश
सतीश गौतम ने मोहर्रम के दौरान कानून व्यवस्था को लेकर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि सभी धार्मिक आयोजनों का आयोजन नियमों और प्रशासनिक अनुमति के अनुसार होना चाहिए। उनके अनुसार प्रशासन किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या कानून व्यवस्था से जुड़ी समस्या को लेकर सतर्क है।
प्रशासन की भूमिका पर भरोसा
सांसद ने कहा कि जुलूस और सार्वजनिक कार्यक्रम प्रशासन की अनुमति से ही आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने जिलाधिकारी और पुलिस प्रशासन की तैयारियों पर भरोसा जताते हुए कहा कि शांति और सौहार्द बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। उनका कहना था कि किसी भी प्रकार की अराजकता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अलीगढ़ की सामाजिक विरासत पर जोर
अपने बयान में सतीश गौतम ने अलीगढ़ की सांप्रदायिक सौहार्द की परंपरा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि शहर में विभिन्न समुदाय लंबे समय से साथ मिलकर रहते आए हैं और अधिकांश लोग शांति एवं सद्भाव बनाए रखने के पक्षधर हैं।








