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मध्य प्रदेश में बड़ा प्रशासनिक बदलाव जिला समितियों में 2.5 लाख लोगों की एंट्री

By Neha
On: Wednesday, May 6, 2026 5:34 PM
मध्य प्रदेश में बड़ा प्रशासनिक बदलाव जिला समितियों में 2.5 लाख लोगों की एंट्री
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मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य स्तरीय आयोगों, बोर्डों और प्राधिकरणों में नियुक्तियों के बाद अब जिला स्तर पर समितियों के गठन का मार्ग भी प्रशस्त कर दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी मंत्रियों को निर्देश दिए हैं कि यह प्रक्रिया 15 दिनों के भीतर पूरी की जाए। सरकार का उद्देश्य है कि विभिन्न विभागों में बनी समितियों को शीघ्र सक्रिय किया जाए ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाई जा सके। इन समितियों में गैर सरकारी व्यक्तियों की भी भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था में जनसहभागिता बढ़ेगी। यह कदम शासन और जनता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

31 विभागों की 50 से अधिक समितियों में जनभागीदारी बढ़ाने की योजना

सरकारी निर्णय के अनुसार 31 विभागों में 50 से अधिक समितियों में गैर सरकारी व्यक्तियों को शामिल किया जाएगा। इन समितियों का दायरा जिला योजना समितियों से लेकर राशन दुकानों की निगरानी तक फैला हुआ है। इसके अलावा जिला पुलिस शिकायत बोर्ड, दीनदयाल अंत्योदय समितियां और अन्य कई महत्वपूर्ण समितियों का गठन भी प्रस्तावित है। सरकार का मानना है कि इससे प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ेगी और स्थानीय स्तर पर समस्याओं का समाधान तेजी से हो सकेगा। लगभग ढाई लाख लोगों को इन समितियों के माध्यम से सरकारी तंत्र से जोड़ने की योजना बनाई गई है, जिससे शासन में व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित होगी।

विभिन्न योजनाओं और क्षेत्रों से जुड़ी समितियों में होगी नियुक्तियां

नई व्यवस्था के तहत कई महत्वपूर्ण समितियों में नियुक्तियां की जाएंगी जिनमें केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़ी समितियां शामिल हैं। इनमें रोगी कल्याण समिति, बिजली सलाहकार समिति, टीबी फोरम, बाल संरक्षण समिति, जिला मूल्यांकन समिति, युवा ग्राम शक्ति, वाटरशेड प्रबंधन, प्रधानमंत्री आवास योजना अपीलीय समिति, गौशाला परियोजना समन्वय, कौशल विकास, अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण निगरानी समिति, उद्यानिकी विकास मिशन, कृषि सिंचाई योजना, स्लम विकास, लघु उद्योग प्रोत्साहन और मुख्यमंत्री कन्यादान योजना जैसी कई समितियां शामिल हैं। इन सभी का उद्देश्य योजनाओं को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाना है।

जिला पुलिस शिकायत बोर्ड और प्रशासनिक समन्वय पर जोर

सरकार ने जिला स्तर पर जिला पुलिस शिकायत बोर्ड के गठन का भी निर्णय लिया है। यह बोर्ड पुलिस कर्मियों के खिलाफ दर्ज गंभीर शिकायतों जैसे हिरासत में प्रताड़ना, मौत, बलात्कार, अवैध गिरफ्तारी या जबरन वसूली की जांच करेगा। यह बोर्ड न केवल शिकायतों की जांच करेगा बल्कि दोषी पाए जाने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश भी करेगा। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि सभी नियुक्तियां स्थानीय विधायकों, सांसदों और जिला संगठन से समन्वय स्थापित करके ही की जाएं ताकि किसी प्रकार का विवाद न उत्पन्न हो। सरकार का उद्देश्य एक पारदर्शी और सहभागी प्रशासनिक ढांचा तैयार करना है।

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