प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में आयोजित नारी शक्ति वंदन सम्मेलन को संबोधित करते हुए महिला सशक्तिकरण को भारत के भविष्य का सबसे बड़ा आधार बताया। उन्होंने कहा कि देश 21वीं सदी के सबसे महत्वपूर्ण निर्णयों में से एक की ओर बढ़ रहा है, जो पूरी तरह से नारी शक्ति को समर्पित है। पीएम मोदी ने कहा कि यह फैसला केवल एक नीति नहीं बल्कि भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में नया अध्याय जोड़ने वाला कदम होगा, जिससे सामाजिक न्याय और समानता की भावना और मजबूत होगी।

संसद में महिला आरक्षण पर ऐतिहासिक बदलाव की तैयारी
पीएम मोदी ने कहा कि भारत की संसद एक नए इतिहास को रचने के करीब है, जो वर्षों पुरानी प्रतीक्षा को समाप्त करेगा। उन्होंने बताया कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं और 16 अप्रैल से संसद के विशेष सत्र में इस पर चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि यह निर्णय महिलाओं को लोकतंत्र में अधिक भागीदारी देगा और देश की निर्णय प्रक्रिया को अधिक समावेशी और संवेदनशील बनाएगा।
महिला सशक्तिकरण पर सरकार के प्रयासों का उल्लेख
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भारत में महिला नेतृत्व को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि देश में 14 लाख से अधिक महिलाएं स्थानीय निकायों में सक्रिय रूप से काम कर रही हैं और कई राज्यों में पंचायत स्तर पर महिलाओं की भागीदारी 50 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। उन्होंने जनधन योजना का भी उल्लेख किया और कहा कि इस योजना के तहत 32 करोड़ से अधिक महिलाओं के बैंक खाते खोले गए, जिससे उन्हें वित्तीय स्वतंत्रता मिली और वे मुख्यधारा से जुड़ीं।
‘देश की महिलाओं का आशीर्वाद लेने आया हूं’
PM मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि वे किसी को उपदेश देने नहीं बल्कि देश की महिलाओं का आशीर्वाद लेने आए हैं। उन्होंने कहा कि यह समय दशकों पुरानी समस्याओं के समाधान का है और अब भारत एक समतामूलक समाज की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने महिला आरक्षण को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों की सहमति का भी उल्लेख किया और कहा कि यह निर्णय आने वाले वर्षों में भारत के लोकतंत्र को नई मजबूती देगा। पीएम मोदी ने विश्वास जताया कि महिला शक्ति के सहयोग से विकसित भारत का सपना अवश्य पूरा होगा।







