पालघर, 1 जनवरी
आदिवासी विकास की दिशा में पालघर जिले ने एक सार्थक और दूरगामी कदम बढ़ाया है। पीएम जनमन योजना के अंतर्गत खोच (पिंपळपाडा–शिरसोलीचा पाढ़ा) में स्थापित कातकरी बहुउद्देशीय केंद्र न केवल बुनियादी ढांचे का विस्तार है, बल्कि यह सामाजिक–आर्थिक परिवर्तन का सशक्त माध्यम भी बनकर उभर रहा है। इसी क्रम में जिल्हाधिकारी डॉ. इंदु राणी जाखड का केंद्र का दौरा प्रशासनिक संवेदनशीलता और जनसंवाद का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत करता है।
दौरे के दौरान डॉ. जाखड ने स्थानीय कातकरी समाज की महिलाओं एवं ग्रामवासियों से सीधे संवाद कर उनकी वास्तविक आवश्यकताओं, चुनौतियों और संभावनाओं को समझा। यह संवाद महज़ औपचारिकता नहीं, बल्कि नीति और क्रियान्वयन के बीच की खाई को पाटने की पहल थी। बहुउद्देशीय केंद्र के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार, स्वरोजगार, कौशल विकास तथा सामाजिक गतिविधियों के अवसर सृजित होने की संभावनाएँ स्पष्ट रूप से सामने आईं।
विशेष रूप से महिलाओं पर केंद्रित मार्गदर्शन इस पहल की मजबूती को दर्शाता है। महिलाओं की सहभागिता से न केवल परिवारों की आय बढ़ेगी, बल्कि सामाजिक निर्णयों में उनकी भूमिका भी सुदृढ़ होगी। डॉ. जाखड का यह कथन कि “ऐसे केंद्रों की श्रृंखला से आदिवासी समाज की आर्थिक रीढ़ मजबूत होगी,” विकास की दीर्घकालिक दृष्टि को रेखांकित करता है।
केंद्र के गुणवत्तापूर्ण निर्माण पर प्रशासन का संतोष इस बात का संकेत है कि योजनाएँ केवल कागज़ों तक सीमित नहीं, बल्कि टिकाऊ परिणामों की दिशा में अग्रसर हैं। स्थानीय महिलाओं द्वारा व्यक्त आत्मविश्वास और नई आशाएँ इस परियोजना की सामाजिक स्वीकार्यता और प्रभावशीलता का प्रमाण हैं।
नववर्ष के अवसर पर दी गई शुभकामनाओं के साथ जिल्हाधिकारी द्वारा व्यक्त विश्वास—कि यह केंद्र समाज के सर्वांगीण विकास का प्रभावी माध्यम बनेगा—इस पहल को प्रेरक बनाता है। कुल मिलाकर, खोच बहुउद्देशीय केंद्र पीएम जनमन योजना के उद्देश्यों को ज़मीनी स्तर पर साकार करता हुआ आदिवासी विकास के लिए एक अनुकरणीय मॉडल प्रस्तुत करता है, जिसे अन्य ग्रामीण–आदिवासी क्षेत्रों में भी अपनाया जा सकता है।






