व्हाटअप्प ग्रुप ज्वाइन करने के लिए यहाँ क्लिक करे 👉
---Advertisement---

विशेष समाचार:अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़; पालघर पुलिस ने ‘फेक कॉल सेंटर’ पर मारा छापा |

On: Tuesday, February 24, 2026 7:31 PM
---Advertisement---

पालघर, २४ फरवरी २०२६: पालघर जिला पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय गिरोह को दबोचा है, जो महाराष्ट्र की धरती से सात समंदर पार अमेरिका में बैठे निर्दोष नागरिकों को अपना शिकार बना रहा था। पालघर के माहिम इलाके में एक रिहायशी इमारत के भीतर चल रहे इस अवैध ‘बोगस कॉल सेंटर’ का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने ५ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कैसे हुआ इस ‘हाई-टेक’ ठगी का खुलासा? पालघर के पुलिस अधीक्षक श्री यतिश देशमुख को गोपनीय सूचना मिली थी कि माहिम (पश्चिम) स्थित ‘फिया एकांत’ बिल्डिंग के एक फ्लैट में संदिग्ध गतिविधियां चल रही हैं। सूचना की पुष्टि होते ही स्थानीय अपराध शाखा (LCB) के पुलिस निरीक्षक प्रदीप पाटिल के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। २४ फरवरी की आधी रात (१२:१० बजे) जब पूरी दुनिया सो रही थी, तब पुलिस टीम ने फ्लैट नंबर ३०३ पर सुनियोजित तरीके से छापा मारा। कमरे के भीतर का नजारा देख पुलिस भी दंग रह गई; वहां ५ युवक आधुनिक लैपटॉप और गैजेट्स के जरिए विदेशी नागरिकों को ठगने के काम में व्यस्त थे। ठगी का ‘इंटरनेशनल’ तरीका (Modus Operandi) जांच में सामने आया कि यह गिरोह तकनीकी रूप से बेहद शातिर था। इनके काम करने का तरीका कुछ इस प्रकार था: फर्जी पहचान: आरोपी खुद को माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) या एप्पल (Apple) जैसी दिग्गज कंपनियों के प्रतिनिधि बताते थे। डर का माहौल: वे अमेरिकी नागरिकों को कॉल करके डराते थे कि उनके कंप्यूटर या मोबाइल में खतरनाक वायरस आ गया है और उनका डेटा हैक हो चुका है। गिफ्ट कार्ड के जरिए वसूली: ‘समस्या’ को ठीक करने के नाम पर वे पीड़ितों से Lowe’s, Apple, Nike और Amazon के गिफ्ट कार्ड मांगते थे (कीमत $५०० से $४००० तक)। मनी लॉन्ड्रिंग: इन गिफ्ट कार्ड्स को पहले USDT (क्रिप्टोकरंसी) में बदला जाता था और फिर ‘हवाला’ के जरिए भारत में नकद राशि प्राप्त की जाती थी। गिरफ्तार आरोपी और बरामदगी पुलिस ने मौके से ५ आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो ठाणे, पुणे और गुजरात के रहने वाले हैं: 1. भरत लोकू लालवानी (३५, मिरारोड) 2. रोहित राजेंद्र निंबाळकर (२९, पुणे) 3. रोहित मिलिंद झोहे (२३, मिरारोड) 4. अमरदीप अंग्रेज गिल (२४, भाईंदर/अमृतसर) 5. सागर बलदेव पाथडिया (२१, सूरत) जब्त सामग्री: ५.७२ लाख रुपये मूल्य के ४ लैपटॉप, १२ मोबाइल फोन, राउटर और अन्य तकनीकी उपकरण। कड़ी धाराओं के तहत मामला दर्ज इन आरोपियों के खिलाफ पालघर पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) २०२३ और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम २००० की विभिन्न गंभीर धाराओं (धोखाधड़ी, जालसाजी और पहचान चोरी) के तहत मामला दर्ज किया गया है। न्यायालय ने आरोपियों को २८ फरवरी २०२६ तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस की अपील पुलिस अधीक्षक ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात कॉल पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें और न ही किसी के कहने पर गिफ्ट कार्ड या ऑनलाइन भुगतान करें। साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या ‘१९३०’ पर संपर्क करें।

Join WhatsApp

Join Now

---Advertisement---