दिनांक २८/०३/२०२६ को शिकायतकर्ता नरेश काशिनाथ पाटिल (आयु ५१ वर्ष, व्यवसाय-नौकरी, निवासी देवघर, ता. वाडा, जिला पालघर) अपने रिश्तेदारों के यहाँ एक धार्मिक कार्यक्रम में गए थे। जब वे घर लौटे, तो उन्होंने देखा कि किसी अज्ञात चोर ने उनके बंद घर के दरवाजे का ताला तोड़कर बेडरूम में रखी लकड़ी की अलमारी से कुल २,१६,०००/- रुपये मूल्य के सोने के गहने चोरी कर लिए हैं। इस संबंध में वाडा पुलिस स्टेशन में अपराध पंजी क्र. १२२/२०२६, भारतीय न्याय संहिता २०२३ की धारा ३०५, ३३१(३), ३(५) के तहत मामला दर्ज किया गया था।

उक्त अपराध की गंभीरता को देखते हुए श्री यतीश देशमुख (पुलिस अधीक्षक पालघर) के मार्गदर्शन में वाडा पुलिस स्टेशन की एक जांच टीम तैयार की गई। जांच के दौरान गोपनीय मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर, देवघर निवासी प्रणित उर्फ भुया उर्फ तोल्या सुनील पाटिल पर नजर रखी गई। उसकी गतिविधियों के निरीक्षण के दौरान यह पुख्ता जानकारी मिली कि उसके पास एक ‘देशी कट्टा’ (पिस्तौल) है। उसके घर की तलाशी लेने पर एक बिना लाइसेंस वाली देशी बनावट की पिस्तौल बरामद हुई। इस हथियार के बारे में पूछताछ करने पर उसके पास कोई वैध परमिट नहीं पाया गया।
कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने अपने साथी अजित उर्फ बाली प्रकाश पाटिल (आयु ३५ वर्ष, निवासी अंबीस्ते खुर्द, ता. वाडा) के साथ मिलकर देवघर गांव और आसपास के क्षेत्रों में चोरी करने की बात स्वीकार की। इसके आधार पर पुलिस ने इन दोनों को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही, इस अपराध में मदद करने वाली उनकी साथी सारिका पंकज पाटिल (निवासी देवघर) को भी गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के पास से चोरी किए गए २,१६,०००/- रुपये के पूरे गहने बरामद कर लिए गए हैं।
आगे की जांच में आरोपियों द्वारा वाडा पुलिस स्टेशन के रिकॉर्ड पर निम्नलिखित अपराध करना भी सिद्ध हुआ है:
१) अपराध पंजी क्र. १ २७/२०२५ के मामले में कुल ९ तोला सोने के गहने बरामद किए गए।
२) अपराध पंजी क्र. १२२/२०२६ के मामले में ४ तोला सोने के गहने बरामद किए गए।
३) अपराध पंजी क्र. अ १३४/२०२६ (भारतीय शस्त्र अधिनियम की धारा ३(२५)) के तहत एक देशी पिस्तौल जब्त की गई।
४) अपराध पंजी क्र. १ ०५/२०२५ और १ २८४/२०२५ के तहत भी अपराध दर्ज किए गए हैं।
इस मामले की आगे की जांच lपु.उ.नि. सागर मालकर और स.पु.उ.नि. दयानंद पाटिल द्वारा की जा रही है।
यह उल्लेखनीय कार्रवाई श्री यतीश देशमुख (पुलिस अधीक्षक, पालघर), श्री विनायक नरले (अपर पुलिस अधीक्षक), *श्री समीर मेहेर (उपविभागीय पुलिस अधिकारी, जव्हार विभाग) के मार्गदर्शन में श्री दत्तात्रय किंद्रे (पुलिस निरीक्षक), स.पु.उ.नि. सागर मालकर, दयानंद पाटिल, गुरुनाथ गोतारणे, और टीम के अन्य सदस्यों द्वारा की गई।







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