पुलिस–जन सहयोग से मजबूत होती है कानून व्यवस्था : एसपी यतीश देशमुख
पालघर | 02 जनवरी 2026
महाराष्ट्र पुलिस बल की बहादुरी, कर्तव्यनिष्ठा और जनसेवा की भावना को सम्मानित करने वाला “महाराष्ट्र पुलिस दिवस” पालघर जिले में पूरे उत्साह, अनुशासन और गरिमामय वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर कोलगांव स्थित पुलिस परेड ग्राउंड में भव्य पुलिस परेड का आयोजन किया गया, जिसमें पुलिस बल की एकजुटता, अनुशासन और सेवा भावना का प्रभावशाली प्रदर्शन देखने को मिला।
यह कार्यक्रम पालघर के पुलिस अधीक्षक श्री यतीश देशमुख के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। समारोह में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री विनायक नरले तथा छठे पुलिस अधीक्षक श्री कुमार सुशांत प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। पुलिस अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी एवं नागरिक भी इस आयोजन के साक्षी बने।
पुलिस परेड का कुशल संचालन जवाहर डिवीजन के उपविभागीय पुलिस अधिकारी श्री समीर मेहर ने किया, जबकि पालघर पुलिस मुख्यालय के श्री संजय साबले ने द्वितीय कमांडर के रूप में परेड की जिम्मेदारी संभाली। पुलिस मुख्यालय तथा जिले के विभिन्न पुलिस थानों के अधिकारी और कर्मचारी पूरे जोश, अनुशासन और समर्पण के साथ परेड में शामिल हुए।
इस अवसर पर उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक श्री यतीश देशमुख ने कहा कि पालघर पुलिस बल नागरिकों की सेवा के लिए सदैव तत्पर है तथा समाज में शांति, सुरक्षा और विश्वास बनाए रखना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने साइबर अपराधों से सतर्क रहने, महिला एवं बाल सुरक्षा, यातायात नियमों के पालन तथा जन जागरूकता अभियानों में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के लिए पुलिस और जनता के बीच सहयोग और विश्वास अत्यंत आवश्यक है।
वहीं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री विनायक नरले ने पालघर पुलिस बल के कार्यों की समीक्षा प्रस्तुत करते हुए कहा कि जिले में अपराध नियंत्रण के लिए आधुनिक तकनीक के साथ-साथ मानवीय पुलिस व्यवहार को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस का उद्देश्य केवल कानून लागू करना ही नहीं, बल्कि आम नागरिक की समस्याओं को समझकर उनके साथ सम्मानजनक और सहयोगपूर्ण व्यवहार करना भी है।
कार्यक्रम का सफल संचालन पालघर साइबर पुलिस विभाग के नामित अधिकारी श्री समीर भोसले द्वारा किया गया। समारोह में पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों तथा नागरिकों की उल्लेखनीय उपस्थिति ने पुलिस और समाज के बीच मजबूत होते विश्वास को स्पष्ट रूप से दर्शाया।
महाराष्ट्र पुलिस दिवस का यह आयोजन न केवल पुलिस बल के मनोबल को सुदृढ़ करने वाला सिद्ध हुआ, बल्कि नागरिकों के मन में सुरक्षा, भरोसे और सहभागिता की भावना को और अधिक मजबूत करने वाला भी रहा।







