पालघर, 18 नवंबर 2025 | खबरदीप जनमंच
पालघर शहर के अशोका अंबर शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में हुई करोड़ों की सेंधमारी और चोरी की वारदात को पालघर पुलिस ने सिर्फ 48 घंटे में सुलझाकर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने मुख्य आरोपियों को भारत–नेपाल सीमा से गिरफ्तार कर लिया, जबकि चोरी गई संपत्ति में से ₹3,28,18,450 मूल्य का सोना, चांदी और नकदी बरामद कर ली गई है।
घटना कैसे हुई
शिकायतकर्ता पीयूष दिनेश जैन (25 वर्ष) ने बताया कि उन्होंने 8 नवंबर की रात अपनी दुकान नाकोड़ा ज्वेलर्स को बंद किया था।
अगली सुबह पता चला कि बगल की दुकान जान्हवी फैशन का शटर टूटा हुआ है। जांच के दौरान सामने आया कि चोरों ने दोनों दुकानों की साझा दीवार तोड़कर ज्वेलर्स की दुकान में प्रवेश किया और गैस कटर से तिजोरी काटकर बड़ी मात्रा में सोना–चांदी और नकदी चोरी की।
चोरी का विवरण :
5.420 किलो सोना व सोने के आभूषण
40 किलो चांदी के आभूषण
₹20 लाख नकद
सीसीटीवी फुटेज में शॉपिंग कॉम्प्लेक्स के चौकीदारों की संलिप्तता सामने आई।
कैसे पकड़ा गया गिरोह
फुटेज से पहचान हुई कि अपराध में शामिल मुख्य आरोपी और उनके साथी नेपाल मूल के हैं।
जांच में स्पष्ट हुआ कि घटना के बाद आरोपी गुजरात होते हुए नेपाल भागने की फिराक में थे।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर विशेष टीमें गठित की गईं और तकनीकी विश्लेषण के सहारे पुलिस ने पीछा शुरू किया।
नेपाल सीमा (खीरी, उत्तर प्रदेश) से 4 आरोपियों को पकड़ा गया, जबकि एक आरोपी को सूरत (गुजरात) से हिरासत में लिया गया।
गिरफ्तार आरोपी
- दीपक नर बहादुर सिंह (25 वर्ष) – चौकीदार, सुरखेत नेपाल
- भुवन सिंह जवानसिंह चेलौने (37 वर्ष) – सुरखेत, नेपाल
- जीवन कुमार राम बहादुर थारू (43 वर्ष) – कैलाली, नेपाल
- खेमराज कुलपति देवकोटा (39 वर्ष) – कैलाली, नेपाल
- अर्जुन दाम बहादुर सोनी (44 वर्ष) – कैलाली, नेपाल (सूरत से गिरफ्तार)
बरामदगी : करोड़ों का माल वापस
पुलिस ने आरोपियों से कुल बरामद किया :
2255.68 ग्राम सोना
41 किलो 481 ग्राम चांदी
₹4,94,650 नकद
कुल मूल्य : ₹3,28,18,450
इसके अलावा अपराध स्थल से तत्काल :
1128.78 ग्राम सोना,
38.701 किलो चांदी,
₹1,75,730 नकद
बरामद कर शिकायतकर्ता को लौटाया गया।
पुलिस की तेज कार्रवाई की सराहना
इस पूरे ऑपरेशन का नेतृत्व
पुलिस अधीक्षक यतीश देशमुख
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विनायक नरले
उपविभागीय पुलिस अधिकारी प्रभा राउल
ने किया।
स्थानीय अपराध शाखा (LCR), पालघर पुलिस स्टेशन और साइबर पुलिस स्टेशन की कई टीमों ने मिलकर उत्कृष्ट कार्य किया।







