पटना, 22 नवंबर 2025:बिहार
बिहार में राजनीतिक इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। नीतीश कुमार ने दसवीं बार राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। शपथ ग्रहण समारोह पटना के गांधी मैदान में आयोजित किया गया, जिसमें केंद्रीय और राज्य स्तर के वरिष्ठ नेता मौजूद थे।
इस बार के मंत्रिमंडल में महत्वपूर्ण बदलाव देखे गए। सम्राट चौधरी को राज्य का गृह मंत्रालय सौंपा गया है। यह पहली बार है कि गृह विभाग, जिसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास रखा गया था, अब उनके सहयोगी को दिया गया है।
मंत्रिमंडल और विभागों का बंटवारा
उपमुख्यमंत्री के रूप में सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा ने शपथ ली।
कुल 26 मंत्री इस नए मंत्रिमंडल में शामिल हैं।
गृह मंत्रालय का हस्तांतरण राजनीतिक संतुलन और सहयोगी दल BJP की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।
गृह मंत्रालय की मुख्य जिम्मेदारियाँ:
कानून-व्यवस्था का संचालन
पुलिस और जेल प्रशासन
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की नियुक्तियाँ
संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा और प्रशासन
राजनीतिक मायने
नीतीश कुमार द्वारा गृह मंत्रालय का सहयोगी दल को देना कई मायनों में संकेत देता है:
- साझेदारी में संतुलन: गठबंधन के अंदर शक्ति का सामरिक बंटवारा।
- जिम्मेदारी और जवाबदेही: गृह मंत्रालय के संचालन में अब BJP की बढ़ी हुई भूमिका।
- भविष्य की दिशा: संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा और प्रशासन पर BJP की सक्रिय निगरानी।
विश्लेषकों का कहना है कि यह कदम गठबंधन के अंदर संतुलन बनाकर रखने और आगामी चुनावों की रणनीति को मजबूत करने के उद्देश्य से लिया गया है।







