पालघर | २२ मार्च २०२६: पालघर जिले के तारापुर एमआईडीसी (बोईसर) स्थित मेसर्स आरती फार्मालॅब्स लिमिटेड (प्लॉट क्र. D-18) में आज दोपहर एक रासायनिक रिसाव की घटना घटी। प्रशासन और कंपनी की त्वरित कार्रवाई से एक बड़ी दुर्घटना को टाल दिया गया है। घटना के संपर्क में आए २२ कर्मचारियों को एहतियात के तौर पर बोईसर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनकी स्थिति स्थिर बताई गई है।

घटना का विवरण
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना दोपहर लगभग ०१:४५ बजे कारखाने के डिस्पैच विभाग में हुई। कारखाना वर्तमान में डाइ-मिथाइल सल्फेट (DMS) नामक इंटरमीडिएट रसायन के उत्पादन में कार्यरत है। टैंकर में फिलिंग की प्रक्रिया के दौरान वेंट लाइन से ओवरफ्लो होने के कारण रसायन की कुछ मात्रा जमीन पर गिर गई। ड्यूटी पर मौजूद ऑपरेटर ने तत्परता दिखाते हुए फिलिंग वॉल्व को तुरंत बंद कर दिया, जिससे रिसाव पर तत्काल काबू पा लिया गया।
त्वरित सुरक्षा और निष्प्रभावीकरण (Neutralization)
घटना के तुरंत बाद कंपनी के सुरक्षा दस्ते ने मोर्चा संभाला और परिसर में मौजूद श्रमिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया। जमीन पर गिरे रसायन को निष्क्रिय करने के लिए चूना (Lime) और सोडा ऐश का उपयोग किया गया। दोपहर लगभग ०२:३० बजे तक सफाई और निष्प्रभावीकरण की प्रक्रिया पूरी कर ली गई।
स्वास्थ्य प्रभाव और चिकित्सा उपचार
DMS रसायन की प्रकृति के कारण सफाई प्रक्रिया के दौरान उत्पन्न वाष्प (Fumes) से कुछ सुरक्षाकर्मियों और श्रमिकों की आँखों में जलन महसूस हुई। शुरुआत में उन्हें कारखाने के प्राथमिक चिकित्सा केंद्र में रखा गया था, लेकिन शाम ७:०० बजे तक कुछ कर्मचारियों की परेशानी कम न होने के कारण उन्हें अधिकारी लाइफलाइन मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, बोईसर में स्थानांतरित किया गया।
डॉक्टरों के अनुसार: “भर्ती किए गए सभी २२ कर्मचारियों की स्थिति पूरी तरह स्थिर है। उन्हें केवल आँखों में हल्की जलन (Mild Irritation) की शिकायत है। किसी के भी जीवन को कोई खतरा नहीं है।”
उपचार के लिए भर्ती कर्मचारियों की सूची:
१. नितेश ओझा, २. जितेश भोई, ३. अक्षय पाटिल, ४. बिकास कुमार, ५. संतोष मुले, ६. समीर कुमार, ७. सागर कुमार, ८. नीलेश शिरडागे, ९. पंकज गौतम, १०. स्वप्निल तारे, ११. ओंकार दांडेकर, १२. अभिनव साहू, १३. आशीष दुबे, १४. मनोज राय, १५. अजय पांडे, १६. अमरचंद टांडी, १७. अजय यादव, १८. नितिन चौधरी, १९. मिथिलेश झा, २०. चुन्नू कुमार, २१. अनिरुद्ध गुप्ता, २२. हेमंत बदाने।
प्रशासनिक रुख
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, पालघर ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में रिसाव पूरी तरह से बंद है और आसपास के क्षेत्र या पर्यावरण को कोई खतरा नहीं है। संबंधित सरकारी विभागों द्वारा घटना के तकनीकी कारणों की विस्तृत जाँच शुरू कर दी गई है।
जारीकर्ता:
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA), पालघर
दिनांक: २२ मार्च २०२६








