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जयपुर पुलिस का बड़ा कदम पिंक गार्ड ऐप से पर्यटकों की सुरक्षा कैसे बदलेगी

By Neha
On: Thursday, April 2, 2026 3:15 PM
जयपुर पुलिस का बड़ा कदम पिंक गार्ड ऐप से पर्यटकों की सुरक्षा कैसे बदलेगी
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राजस्थान की राजधानी जयपुर अपनी ऐतिहासिक धरोहर और पर्यटन के लिए विश्व स्तर पर प्रसिद्ध है। हर वर्ष यहां लाखों देशी और विदेशी पर्यटक घूमने आते हैं। पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सुरक्षा और सुविधा को और मजबूत करने के लिए जयपुर पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। पुलिस जल्द ही पिंक गार्ड ऐप लॉन्च करने जा रही है। यह ऐप पर्यटकों को शहर की जानकारी देने के साथ साथ उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी मदद करेगा। इस पहल का उद्देश्य जयपुर को एक स्मार्ट और सुरक्षित पर्यटन स्थल के रूप में और मजबूत बनाना है।

पर्यटकों को मिलने वाली सुविधाएं और जानकारी

पिंक गार्ड ऐप के माध्यम से पर्यटकों को जयपुर के प्रमुख पर्यटन स्थलों की विस्तृत जानकारी मिलेगी। इसमें रास्तों की जानकारी और रीयल टाइम ट्रैफिक अपडेट भी शामिल होगा। पर्यटक आसानी से अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे और उन्हें अनावश्यक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसके साथ ही ऐप पर रजिस्टर्ड गाइड्स की सूची भी उपलब्ध होगी। इन गाइड्स की फीस भी पहले से दिखाई जाएगी जिससे पर्यटक सही और भरोसेमंद विकल्प चुन सकें। यह सुविधा पर्यटकों को ठगी से बचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

आपात स्थिति में पुलिस से सीधा संपर्क

इस ऐप की सबसे बड़ी खासियत यह है कि किसी भी आपात स्थिति में पर्यटक सीधे पुलिस से संपर्क कर सकेंगे। अगर कोई पर्यटक किसी परेशानी में फंस जाता है तो ऐप के माध्यम से उसकी लोकेशन स्वतः पुलिस तक पहुंच जाएगी। इससे त्वरित मदद उपलब्ध कराई जा सकेगी। यह फीचर खासकर विदेशी पर्यटकों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा। भाषा की समस्या या अनजान जगह की चिंता अब काफी हद तक कम हो जाएगी। पुलिस कंट्रोल सिस्टम के साथ सीधा जुड़ाव पर्यटकों को सुरक्षा का भरोसा देगा।

शिकायत प्रणाली और निगरानी व्यवस्था

पिंक गार्ड ऐप में पर्यटक गाइड के खिलाफ गोपनीय शिकायत भी कर सकेंगे। अगर कोई गाइड अभद्र व्यवहार करता है या अधिक शुल्क वसूलता है तो उसकी शिकायत ऐप के माध्यम से दर्ज की जा सकती है। शिकायत सही पाए जाने पर संबंधित गाइड के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और उसे सूची से हटाया भी जा सकता है। इस पूरी व्यवस्था की निगरानी पुलिस कमिश्नरेट स्तर पर अभय कमांड सेंटर के माध्यम से की जाएगी। इससे हर गतिविधि पर नजर रखी जा सकेगी और पारदर्शिता बनी रहेगी।

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