फारबिसगंज (अररिया/बिहार): देशभर में एलपीजी की किल्लत और आपूर्ति बाधाओं के बीच बिहार के अररिया जिले से कालाबाजारी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। फारबिसगंज के पोखर बस्ती इलाके में अनुमंडल प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से भंडारित किए गए लगभग 250 रसोई गैस सिलेंडर जब्त किए हैं।

प्रशासनिक कार्रवाई का विवरण
एसडीओ (SDO) अभय कुमार के नेतृत्व में अनुमंडल प्रशासन की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर पोखर बस्ती स्थित एक आवासीय परिसर और उससे सटी दुकान पर छापेमारी की। छापेमारी के दौरान वहां रखे गए भारी मात्रा में भरे और खाली सिलेंडरों को देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। बरामद सिलेंडरों में विभिन्न कंपनियों के कमर्शियल और घरेलू गैस सिलेंडर शामिल हैं, जिन्हें ऊंचे दामों पर बेचने के लिए अवैध रूप से छिपाकर रखा गया था।
खबरदीप जनमंच का विशेष
- कृत्रिम किल्लत का खेल: यह छापेमारी साबित करती है कि बाजार में गैस की जो किल्लत दिखाई दे रही है, उसका एक बड़ा कारण ‘कृत्रिम जमाखोरी’ (Artificial Hoarding) है। बिचौलिए कम दाम पर स्टॉक जमा कर रहे हैं ताकि जरूरत के समय आम जनता से मनमानी कीमत वसूली जा सके।
- सुरक्षा पर बड़ा खतरा: घनी आबादी वाले ‘पोखर बस्ती’ जैसे आवासीय क्षेत्र में 250 सिलेंडरों का अवैध भंडारण किसी बड़े हादसे को न्योता दे रहा था। सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर रिहायशी इलाके को ‘बारूद के ढेर’ पर तब्दील कर दिया गया था।
- प्रशासनिक सतर्कता: एसडीओ अभय कुमार की इस त्वरित कार्रवाई ने न केवल कालाबाजारी करने वालों के हौसले पस्त किए हैं, बल्कि आम उपभोक्ताओं को यह संदेश भी दिया है कि प्रशासन उनकी हकमारी बर्दाश्त नहीं करेगा।
आगे की कार्यवाही
जब्त किए गए सिलेंडरों की जांच के लिए संबंधित गैस एजेंसियों और आपूर्ति विभाग को सूचित कर दिया गया है। पुलिस आरोपियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) और विस्फोटक अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी शिकंजा कसने की तैयारी में है।
“किसी भी सूरत में गैस की कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो भी व्यक्ति अवैध भंडारण में लिप्त पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”
अभय कुमार, एसडीओ, फारबिसगंज








