महाराष्ट्र की जीवनरेखा मानी जाने वाली ‘लालपरी’ (एसटी बसें) अबकेवल यात्रियों को मंजिल तक ही नहीं पहुँचाएँगी, बल्कि निगम की आर्थिक स्थिति को भी मजबूती प्रदान करेंगी। महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री और एसटी महामंडल के अध्यक्ष प्रताप सरनाईक ने घोषणा की है कि अगले पाँच वर्षों में विज्ञापन के माध्यम से महामंडल को 250 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त होगा। एसटी महामंडल के मुख्यालय में आयोजित 310वीं निदेशक मंडल की बैठक को संबोधित करते हुए मंत्री महोदय ने इस महत्वाकांक्षी योजना का विवरण साझा किया।
योजना की मुख्य बातें:
- राजस्व में भारी वृद्धि: वर्तमान में विज्ञापन से होने वाली वार्षिक आय लगभग ₹22 करोड़ है, जो नई निविदा (Tender) के बाद दोगुनी से भी अधिक होने की उम्मीद है।
- व्यापक नेटवर्क का लाभ: राज्य भर में फैले 251 डिपो और 610 से अधिक बस स्टेशनों का उपयोग विज्ञापन के लिए किया जाएगा।
- बसों का कायाकल्प: लगभग 12,000 बसों के आंतरिक और बाहरी हिस्सों पर विज्ञापन प्रदर्शित किए जाएंगे।
- भविष्य की संभावना: वर्तमान में 50-55 लाख दैनिक यात्री एसटी का उपयोग करते हैं, जिसके भविष्य में 1 करोड़ तक पहुँचने का अनुमान है। यह विज्ञापनदाताओं के लिए एक ‘गोल्डन अपॉर्चुनिटी’ है।
“टिकट बिक्री के अलावा अन्य वैकल्पिक स्रोतों से आय सृजित करना अनिवार्य है। इस नई नीति से एसटी को भविष्य में घाटे के संकट से उबारने में मदद मिलेगी।” > — प्रताप सरनाईक, परिवहन मंत्री >
पारदर्शी प्रक्रिया और नया प्रबंधन
मंत्री सरनाईक ने स्पष्ट किया कि इस राजस्व लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए एक प्रतिस्पर्धी निविदा प्रक्रिया अपनाई गई है। वर्तमान लाइसेंसधारकों की अवधि समाप्त होते ही विज्ञापन के अधिकार नई निविदा जीतने वाली कंपनियों को हस्तांतरित कर दिए जाएंगे। इस महत्वपूर्ण बैठक में परिवहन आयुक्त राजेश नार्वेकर, उपाध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ. माधव कुसेकर, सहायक श्रम आयुक्त पल्लवी सहारे सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।







