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पशुपालकों की आर्थिक तंगी होगी दूर; महाराष्ट्र सरकार दे रही है ₹3 लाख तक का सस्ता लोन, जानें कैसे उठाएं लाभ

By Neha
On: Sunday, April 19, 2026 6:24 PM
पशुपालकों की आर्थिक तंगी होगी दूर; महाराष्ट्र सरकार दे रही है ₹3 लाख तक का सस्ता लोन, जानें कैसे उठाएं लाभ
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महाराष्ट्र: अगर आप गाय-भैंस पालन, बकरी पालन या मुर्गी पालन से जुड़े हैं और चारे, दवाइयों या पशुओं के रखरखाव के लिए पैसों की तंगी महसूस कर रहे हैं, तो महाराष्ट्र सरकार की यह नई पहल आपके लिए वरदान साबित होने वाली है। राज्य के पशुपालन विभाग ने पूरे महाराष्ट्र में ‘पशुपालन किसान क्रेडिट कार्ड’ (KCC) अभियान को युद्ध स्तर पर शुरू किया है। इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह केवल कर्ज नहीं, बल्कि समय पर भुगतान करने वाले पशुपालकों के लिए ‘शून्य प्रतिशत ब्याज’ पर उपलब्ध एक बड़ी आर्थिक मदद है।

लोन की सीमा: बिना गारंटी ₹1.60 लाख तक की बड़ी राहत

अक्सर छोटे पशुपालक बैंक के चक्कर काटने और गारंटी (जमीन या सोना गिरवी रखने) के डर से लोन नहीं लेते। लेकिन इस योजना ने राह आसान कर दी है:

  • बिना किसी गारंटी के: ₹1,60,000 तक का लोन प्राप्त करने के लिए आपको कोई भी संपत्ति गिरवी रखने की जरूरत नहीं है।
  • अधिकतम सीमा: यदि आप किसी दुग्ध सहकारी संस्था (Dairy Society) के सक्रिय सदस्य हैं, तो आप अपनी आवश्यकतानुसार ₹3,00,000 तक का ऋण ले सकते हैं।

ब्याज का गणित: कैसे मिलेगा ‘ब्याज मुक्त’ कर्ज?

योजना को इस तरह डिजाइन किया गया है कि ईमानदार किसानों पर ब्याज का बोझ न पड़े:

1. 7% की सीधी छूट: बैंक सामान्य दर पर लोन देता है, लेकिन यदि आप एक साल के भीतर राशि वापस कर देते हैं, तो केंद्र सरकार (3%) और महाराष्ट्र सरकार (4%) मिलकर कुल 7% ब्याज की भरपाई खुद करती हैं।
2. प्रभावी दर: इसका सीधा मतलब है कि पशुपालक को केवल उतनी ही राशि लौटानी होगी जितनी उसने ली थी। ब्याज का हिस्सा सरकार वहन करेगी।

किसे मिलेगा लाभ? (पात्रता एवं शर्तें)

यह योजना विशेष रूप से महाराष्ट्र के पशुपालकों के लिए है। लाभ पाने के लिए निम्नलिखित मापदंड तय किए गए हैं:

  • पशु पंजीकरण अनिवार्य: आपके पशुओं का पंजीकरण NDLM (भारत पशुधन) पोर्टल पर होना चाहिए (कान में टैग लगा होना जरूरी है)।
  • व्यवसाय का दायरा: डेयरी: 100 पशुओं तक।
  • भेड़-बकरी पालन: 500 पशुओं तक।
  • मुर्गी पालन: 25,000 ब्रॉयलर या 50,000 लेयर तक।
  • सूअर पालन: 200 पशुओं तक।
  • पूर्व लाभ: आवेदक ने पहले इसी तरह की किसी अन्य सरकारी अनुदान योजना का बड़ा लाभ न लिया हो।

आवेदन प्रक्रिया: कहाँ और कैसे करें संपर्क?

पशुपालकों की सुविधा के लिए आवेदन प्रक्रिया को बेहद सरल बनाया गया है:

1. संपर्क केंद्र: अपने नजदीकी सरकारी पशु चिकित्सालय (पशु दवाखाना) या अपनी दुग्ध सहकारी संस्था के कार्यालय पर जाएँ।
2. दस्तावेज: आवेदन पत्र के साथ पहचान पत्र (आधार कार्ड), बैंक पासबुक की फोटोकॉपी और पशु पंजीकरण के कागजात साथ रखें।
3. हेल्पलाइन: किसी भी भ्रम या समस्या की स्थिति में सरकार के टोल-फ्री नंबर 1962 पर कॉल कर जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

खबरदीप जनमंच का विश्लेषण

महाराष्ट्र सरकार का लक्ष्य राज्य के 10 लाख पशुपालकों को इस योजना के दायरे में लाना है। वर्तमान में चारे की बढ़ती कीमतों और बीमारियों के इलाज के खर्च को देखते हुए यह ‘वर्किंग कैपिटल’ (कार्यशील पूंजी) छोटे किसानों की कमर टूटने से बचाएगी। खबरदीप जनमंच सभी पशुपालकों से अपील करता है कि वे साहूकारों के भारी ब्याज के जाल में फंसने के बजाय इस सरकारी योजना का लाभ उठाएं।

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