आदिवासी समुदायों के हक-सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम
पालघर, 12 दिसंबर। पालघर जिले के आदिवासी बहुल क्षेत्रों में अधिकार-सुरक्षा को सुदृढ़ करते हुए जिल्हाधिकारी डॉ. इंदु रानी जाखड़ के हस्ताक्षर से कुल 1234.551 हेक्टेयर सामूहिक वनाधिकार पट्टों का वितरण संपन्न हुआ। इस अवसर पर भोपतगढ़ परिसर में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न ग्राम समितियों को प्रमाणित सामूहिक वनाधिकार पट्टे प्रदान किए गए।
विकासात्मक निरीक्षण एवं स्वास्थ्य शिविर का दौरा
दिन की शुरुआत जिल्हाधिकारी जाखड़ ने जव्हार तहसील के चिंचवाड़ी क्षेत्र में आयोजित स्वास्थ्य जांच शिविर का निरीक्षण कर की। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और ग्रामीणों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की सराहना की।
सामूहिक वनाधिकार पट्टों का विवरण
भोपतगढ़ में आयोजित मुख्य कार्यक्रम के दौरान निम्नलिखित क्षेत्रों के लिए सामूहिक वनाधिकार पट्टे वितरित किए गए
सोनगीरपाड़ा–घाटालपाड़ा : 610.37 हेक्टेयर
अनंतनगर–कोगदा : 192.181 हेक्टेयर
हाड़े–देवीचा पाड़ा : 132 हेक्टेयर
झाप–चिंचवाड़ी : 300 हेक्टेयर
कुल : 1234.551 हेक्टेयर सामूहिक वनाधिकार
इन पट्टों का वितरण हाड़े (देवीचा पाड़ा), ऐन (सोनगीर पाड़ा), चिंचवाड़ी और कोगदा (अनंतनगर) की सामूहिक वनाधिकार समितियों के अध्यक्षों एवं सचिवों को किया गया। आदिवासी समुदायों के अधिकारों की मजबूती और भूमि पर वैधानिक हक सुनिश्चित करने की दिशा में इसे एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
भोपतगढ़ किले का निरीक्षण एवं ग्रामसभा में मार्गदर्शन
कार्यक्रम के पश्चात जिल्हाधिकारी डॉ. जाखड़ ने भोपतगढ़ किले का निरीक्षण किया और वहां आयोजित ग्रामसभा में उपस्थित ग्रामीणों को विकास, अधिकार-सुरक्षा और वन प्रबंधन से संबंधित महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया। ग्रामीणों ने शंका-समाधान सत्र में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
अधिकारी एवं पदाधिकारी उपस्थित
इस अवसर पर वयम संस्था के अध्यक्ष मिलिंद थत्ते, प्रभारी तहसीलदार सुरेश कामडी, उपवन संरक्षक सैफुन शेख, तथा राजस्व विभाग, वन विभाग एवं प्रकल्प कार्यालय के अधिकारी अभयकुमार टकले, श्री रास्ते, श्री टी.के., सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।






