दिल्ली के पालम मेट्रो स्टेशन के पास हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे इलाके को दहला दिया है। इस दर्दनाक हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है। फायर विभाग और जिला प्रशासन के मुताबिक इस घटना में तीन मासूम बच्चियों समेत कई लोगों की जान चली गई। आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। राहत और बचाव टीमों ने मौके पर पहुंचकर तुरंत ऑपरेशन शुरू किया, लेकिन तब तक कई लोग गंभीर रूप से झुलस चुके थे। यह हादसा राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था पर भी कई बड़े सवाल खड़े कर रहा है।

अस्पतालों में सामने आई मौतों की पुष्टि
मिली जानकारी के अनुसार आठ लोगों की मौत मणिपाल अस्पताल में हुई है। इनमें प्रवेश, कमल, आशु, लाडो और हिमांशी के अलावा 15, 6 और 3 साल की तीन मासूम बच्चियां शामिल हैं। वहीं आईजीआई अस्पताल में दीपिका नाम की एक महिला को मृत अवस्था में लाया गया। इसके अलावा अनिल नाम के व्यक्ति और एक दो साल की बच्ची का इलाज चल रहा है। सफदरजंग अस्पताल में सचिन नाम के युवक को भर्ती कराया गया है, जो करीब 25 प्रतिशत तक झुलस गया है। डॉक्टरों की टीम लगातार घायलों की स्थिति पर नजर बनाए हुए है और उन्हें बचाने की हर संभव कोशिश कर रही है।
रेस्क्यू ऑपरेशन और प्रशासन की कार्रवाई
घटना के बाद दिल्ली फायर सर्विस, जिला प्रशासन और पुलिस की टीमों ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। इमारत के अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए हर संभव प्रयास किए गए। आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कई लोगों को निकालने में काफी कठिनाई हुई। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने बताया कि बचाव कार्य के दौरान कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन टीमों ने लगातार प्रयास जारी रखे। प्रशासन ने इस हादसे की जांच के लिए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए हैं ताकि आग लगने के कारणों का पता लगाया जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
मुख्यमंत्री ने जताया दुख और दिए जांच के आदेश
दिल्ली की मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने इस दर्दनाक हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि पालम की बहुमंजिला इमारत में लगी आग की घटना बेहद दुखद है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों के फंसे होने की आशंका है और राहत कार्य तेजी से जारी है। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि सभी पीड़ितों को हर संभव सहायता दी जाएगी। साथ ही उन्होंने इस पूरे मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश भी दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि जांच के बाद जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।







