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दावोस में महाराष्ट्र की निवेश कूटनीति को बड़ी सफलता|

On: Saturday, January 24, 2026 11:30 AM
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30 लाख करोड़ के एमओयू, 40 लाख रोजगार सृजन का लक्ष्य : मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

दावोस/मुंबई।
दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 में महाराष्ट्र ने वैश्विक निवेश के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में राज्य सरकार ने 30 लाख करोड़ रुपये के निवेश समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं, जबकि अतिरिक्त 10 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों पर प्रारंभिक वार्ता पूर्ण हो चुकी है। इन निवेशों के माध्यम से राज्य में 40 लाख रोजगार अवसर सृजित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दावोस से महाराष्ट्र के पत्रकारों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद करते हुए बताया कि यह निवेश केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि आर्थिक विकास, तकनीकी उन्नयन और रोजगार सृजन के ठोस आधार तैयार करेगा।

वैश्विक भरोसे का संकेत

इन समझौतों की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि 83 प्रतिशत निवेश प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) के रूप में है, जबकि 16 प्रतिशत निवेश विदेशी तकनीकी साझेदारी से जुड़ा है। कुल 18 देशों — जिनमें अमेरिका, ब्रिटेन, जापान, जर्मनी, फ्रांस, यूएई, सिंगापुर, स्विट्ज़रलैंड, स्वीडन और कनाडा जैसे प्रमुख विकसित राष्ट्र शामिल हैं — से महाराष्ट्र में पूंजी प्रवाह हो रहा है।
यह तथ्य महाराष्ट्र की नीतिगत स्थिरता, प्रशासनिक दक्षता और निवेश-अनुकूल वातावरण में वैश्विक विश्वास को दर्शाता है।

धरातल पर उतरने की उच्च संभावना

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य में हुए समझौता ज्ञापनों का 75 प्रतिशत क्रियान्वयन दर रहा है और पिछले वर्ष किए गए समझौतों में से भी 75 प्रतिशत परियोजनाएं वास्तविक रूप से प्रारंभ हो चुकी हैं। सामान्यतः यह निवेश 3 से 7 वर्षों की अवधि में चरणबद्ध रूप से मूर्त रूप लेता है।

उच्च तकनीक और भविष्य के क्षेत्र केंद्र में

इस निवेश का प्रवाह क्वांटम कंप्यूटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा सेंटर्स, ग्रीन स्टील, फिनटेक, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य, खाद्य प्रसंस्करण, लॉजिस्टिक्स, शहरी विकास और जहाज निर्माण जैसे भविष्य उन्मुख क्षेत्रों में हो रहा है।
टाटा, रिलायंस, अदाणी, आर्सेलर मित्तल, ब्रुकफील्ड, स्कोडा, फॉक्सवैगन, कोका-कोला, बॉश सहित वैश्विक और भारतीय औद्योगिक समूहों के साथ किए गए करार राज्य की औद्योगिक क्षमता को नई दिशा देने वाले माने जा रहे हैं।

संतुलित क्षेत्रीय विकास पर जोर

निवेश को केवल मुंबई महानगर तक सीमित न रखते हुए राज्य सरकार ने क्षेत्रीय संतुलन को प्राथमिकता दी है।

कोंकण एवं एमएमआर : 22%

विदर्भ : 13%

अन्य क्षेत्र : 50%

उत्तर महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, कोंकण और विदर्भ में हजारों करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव राज्य के समावेशी विकास मॉडल को रेखांकित करते हैं।

देश की पहली ‘इनोवेशन सिटी’ की घोषणा

दावोस में ही मुख्यमंत्री ने टाटा समूह के सहयोग से मुंबई के निकट देश की पहली ‘इनोवेशन सिटी’ विकसित करने की घोषणा की। इस परियोजना में 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश प्रस्तावित है। आगामी 6 से 8 महीनों में इसका विस्तृत मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा। यह परियोजना शोध, नवाचार, स्टार्ट-अप और उच्च तकनीक उद्योगों के लिए राष्ट्रीय स्तर का केंद्र बनने की क्षमता रखती है।

मुंबई में सर्क्युलर इकॉनॉमी की पहल

मुंबई में सर्क्युलर इकॉनॉमी मॉडल विकसित कर कचरा प्रबंधन, जल और वायु प्रदूषण जैसी समस्याओं के दीर्घकालिक समाधान का लक्ष्य रखा गया है। अगले 2 से 3 वर्षों में इसके ठोस परिणाम सामने आने की संभावना जताई गई है। साथ ही रायगढ़–पेण ग्रोथ सेंटर के माध्यम से एक नया बिज़नेस डिस्ट्रिक्ट विकसित किया जाएगा।

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