सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने वकालत की पढ़ाई कर रहे छात्रों को एक महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा कि कोई भी वकील लॉ प्रोफेशन के हर क्षेत्र में निपुण नहीं हो सकता। सीजेआई ने छात्रों को सलाह दी कि पहले अपनी क्षमता को पहचानें और फिर उसी क्षेत्र में अपनी पेशेवर पहचान बनाएं। उन्होंने उदाहरण देते हुए इंडियन क्रिकेट टीम के बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव और बॉलर जसप्रीत बुमराह का जिक्र किया। उनका कहना था कि टी-20 मैच में हर खिलाड़ी से आप यह उम्मीद नहीं कर सकते कि वह हर क्षेत्र में महारत हासिल करे।
लॉ प्रोफेशन और क्रिकेट का अंतर
सीजेआई सूर्यकांत ने गांधीनगर में गुजरात नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी की 16वीं कोन्वोकेशन सेरेमनी में कहा कि टी-20 मैच के आखिरी ओवर्स में कोई भी उम्मीद नहीं कर सकता कि सूर्यकुमार यादव बोलिंग करेंगे या जसप्रीत बुमराह बल्लेबाजी करेंगे। इसी तरह वकीलों को भी यह समझना होगा कि उनके कौशल और रुचि का क्षेत्र क्या है। उन्होंने कहा कि लॉ प्रोफेशन में उन लोगों को शायद ही पुरस्कृत किया जाता है जो हर काम को समान रूप से करने की कोशिश करते हैं। जो वकील फेमस होते हैं, वे अक्सर समय के साथ पहचान लेते हैं कि उनकी सोच और क्षमता को स्वाभाविक दिशा कहां मिल सकती है।
लॉ प्रैक्टिस में सैद्धांतिक और व्यावहारिक अंतर
सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि लॉ प्रैक्टिस के शुरुआती दिनों में कानून की पढ़ाई और पेशेवर वास्तविकता में अंतर स्पष्ट हो जाता है। किताबें सैद्धांतिक समझ देती हैं, जबकि असली अभ्यास में अनुशासन, जिम्मेदारी और व्यवहारिक बाधाओं का सामना करने की क्षमता जरूरी होती है। छात्रों को यह समझना होगा कि सिर्फ सैद्धांतिक ज्ञान ही उन्हें एक सफल वकील नहीं बना सकता। उन्हें अपनी विशेषज्ञता विकसित करनी होगी और धीरे-धीरे अपनी ताकत के क्षेत्र में अनुभव जुटाना होगा।
जनता का विश्वास और वकील की जिम्मेदारी
सीजेआई ने कहा कि लीगल प्रोफेशन में जनता का विश्वास उन लोगों की ईमानदारी और निरंतरता पर निर्भर करता है जो वकालत करते हैं। एक वकील का हर निर्णय न्याय व्यवस्था को मजबूत या कमजोर कर सकता है। उन्होंने छात्रों को यह संदेश दिया कि पेशेवर जीवन में सफलता पाने के लिए धैर्य, समझदारी और सही दिशा का चुनाव बहुत जरूरी है। यह मार्गदर्शन नए वकीलों के लिए प्रेरणादायक साबित होगा और उन्हें अपने कौशल को पहचानकर सही दिशा में मेहनत करने के लिए प्रेरित करेगा।









