असम में लगातार हो रही पार्टी छोड़ने और इस्तीफों की खबरों के बीच कांग्रेस पार्टी को थोड़ी राहत मिली है। लंबे समय तक चली बातचीत और अनिश्चितता के बाद कांग्रेस और राइजर दल ने विधानसभा चुनाव के लिए सीट साझा करने का समझौता कर लिया है। इस समझौते के तहत कांग्रेस 11 सीटें राइजर दल को देगी, जबकि दो सीटों पर “मैत्रीपूर्ण मुकाबला” होगा। यह समझौता गुरुवार रात जोरहाट में दोनों पार्टियों के नेताओं द्वारा हस्ताक्षरित किया गया। बैठक में कांग्रेस के राज्य अध्यक्ष गौरव गोगोई और राइजर दल के अध्यक्ष अखिल गोगोई प्रमुख थे।

राइजर दल की रणनीति और प्रमुख उम्मीदवार
राइजर दल के अध्यक्ष अखिल गोगोई इस बार भी सिब्सागार विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगे। पिछली बार उन्होंने यह सीट जीतकर अपनी पकड़ मजबूत की थी। उस समय वह नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ प्रदर्शनों के दौरान हिंसा भड़काने के आरोप में जेल में थे। कांग्रेस ने राइजर दल को मारघेरिटा सीट भी सौंपी है। पहले यह सीट प्रतीक बर्दोलोई को दी गई थी, लेकिन उनके पिता प्रद्युमन बर्दोलोई के बीजेपी में शामिल होने के बाद प्रतीक ने टिकट लौटाकर चुनाव न लड़ने का फैसला किया।
कांग्रेस गठबंधन और सीट वितरण
राइजर दल सिब्सागार और मारघेरिटा के अलावा सिसिबोर्गांव, डिगबोई, डालगांव, बोकाखाट, ढिंग, मानस, तेजपुर और कलियाबोर सीटों पर चुनाव लड़ेगा। जबकि गोलपारा (पूर्व) और गौरिपुर सीटों पर दोनों पार्टियों के बीच मैत्रीपूर्ण मुकाबला होगा। कांग्रेस ने एक महिला उम्मीदवार ज्ञानश्री बोरा को मरियानी सीट से उतारा है। विपक्षी गठबंधन में अब तक छह पार्टियां शामिल हैं। कांग्रेस और राइजर दल के अलावा इसमें असम जातीय परिषद (AJP), CPI(M), ऑल पार्टी हिल लीडर्स कॉन्फ्रेंस (APHLC), और CPI(ML) शामिल हैं।
नेताओं के संदेश और चुनावी उद्देश्य
सीट समझौते के बाद कांग्रेस के राज्य अध्यक्ष गौरव गोगोई ने राइजर दल के अध्यक्ष, उनकी टीम और सभी सहयोगियों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह आसान नहीं है कि कांग्रेस इतनी सीटें छोड़ दे, लेकिन राज्य और उसके भविष्य के हित में यह निर्णय लिया गया। उन्होंने सभी से अपील की कि छह गठबंधन पार्टियों के उम्मीदवारों की जीत के लिए काम करें। वहीं, अखिल गोगोई ने कहा कि उनका उद्देश्य भाजपा-आरएसएस की सरकार को सत्ता से हटाना और गौरव गोगोई को नए मुख्यमंत्री बनाना है। उन्होंने पार्टी के उन सदस्यों से भी माफी मांगी जिन्हें टिकट नहीं मिला।






