आंध्र प्रदेश में मुख्यमंत्री चंद्रबाबु नायडू की अगुवाई वाली सरकार ने बजट में किए गए वादों को तेज़ी से पूरा करते हुए दिव्यांग शक्ति योजना की शुरुआत कर दी है। महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा की सफलता के बाद यह योजना दिव्यांगजनों के लिए लागू की गई है। इस योजना के तहत दिव्यांगजन APSRTC की बसों में मुफ्त यात्रा कर सकेंगे। राज्य सरकार का यह कदम दिव्यांगजनों को सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा प्रयास माना जा रहा है।

सीएम चंद्रबाबू नायडू ने खुद लिया लाभार्थियों के साथ सफर
इस योजना के शुभारंभ के अवसर पर मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू, उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण और आईटी एवं शिक्षा मंत्री नारा लोकेश ने मंगलगिरी से पेनुमाका तक बस यात्रा की। इस दौरान उन्होंने दिव्यांगजनों से सीधे संवाद किया और उनकी समस्याओं, चुनौतियों और आवश्यकताओं को समझा। नेताओं ने इस मौके पर यह भी बताया कि सरकार सभी बाधाओं को दूर करने और सभी के लिए समान अवसर, स्वतंत्रता और गरिमा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस पहल से दिव्यांगजन अब परिवहन तक आसानी से पहुँच पाएंगे और जीवन की अनेक चुनौतियों का सामना बेहतर तरीके से कर पाएंगे।
सालाना 207 करोड़ का बजट, सामाजिक न्याय और समावेशी विकास पर जोर
यात्रा के समाप्त होने पर मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने लाभार्थियों के लिए एक विशेष लंच का आयोजन भी किया, जिसमें उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण और मंत्री नारा लोकेश शामिल हुए। सरकार ने योजना के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए सालाना 207 करोड़ रुपये खर्च करने की प्रतिबद्धता जताई है। यह बजट सामाजिक न्याय और समावेशी विकास पर राज्य सरकार की मजबूती और गंभीरता को दर्शाता है। योजना का उद्देश्य केवल मुफ्त यात्रा नहीं, बल्कि दिव्यांगजनों के जीवन में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोज़गार और सामाजिक भागीदारी के अवसर बढ़ाना भी है।
कौन-कौन लाभान्वित होंगे और किन बसों में सुविधा लागू होगी
दिव्यांग शक्ति योजना APSRTC की विभिन्न सेवाओं में लागू होगी, जिनमें सिटी ऑर्डिनरी, मेट्रो एक्सप्रेस, पल्ले वेलुगु, अल्ट्रा पल्ले वेलुगु और एक्सप्रेस बसें शामिल हैं। यह योजना 21 श्रेणियों में 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाले व्यक्तियों पर लागू होगी। अनुमान है कि इससे करीब 12.76 लाख लोग लाभान्वित होंगे, जिनमें उनके सहायक भी शामिल हैं। परिवहन की इस आसान पहुंच के माध्यम से दिव्यांगजन शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, रोजगार और सामाजिक भागीदारी के नए अवसरों का लाभ उठाने में सक्षम होंगे।








संसद में हंगामा महिला आरक्षण 2023 कानून लागू होने पर उठे गंभीर सवाल