व्हाटअप्प ग्रुप ज्वाइन करने के लिए यहाँ क्लिक करे 👉
---Advertisement---

अखिलेश यादव की दादरी रैली से पश्चिमी यूपी की सियासत में हलचल तेज

By Neha
On: Sunday, March 29, 2026 9:29 AM
अखिलेश यादव की दादरी रैली से पश्चिमी यूपी की सियासत में हलचल तेज
---Advertisement---

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव आज गौतम बुद्ध नगर के दादरी स्थित मीहर भोज डिग्री कॉलेज मैदान में एक बड़ी जनसभा को संबोधित करेंगे। कार्यक्रम के अनुसार वह सुबह करीब 11 बजे मंच पर पहुंचेंगे जहां हजारों समर्थकों के जुटने की संभावना है। रैली से पहले वे गुर्जर प्रतिहार सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा पर माल्यार्पण भी करेंगे। इस कार्यक्रम के लिए लगभग 100 मीटर लंबा पांडाल तैयार किया गया है ताकि बड़ी संख्या में आने वाले लोगों को समायोजित किया जा सके।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश की 140 सीटों पर सियासी रणनीति

इस जनसभा के जरिए समाजवादी पार्टी पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 32 जिलों की लगभग 140 विधानसभा सीटों पर अपनी पकड़ मजबूत करने का संदेश देना चाहती है। पार्टी नेतृत्व भारतीय जनता पार्टी सरकार की नीतियों और कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए अपनी राजनीतिक रणनीति को धार देने की कोशिश करेगा। गाजियाबाद, बुलंदशहर, मेरठ, संभल, शामली, बागपत, नोएडा और ग्रेटर नोएडा जैसे जिलों से भारी संख्या में कार्यकर्ताओं और समर्थकों के पहुंचने की उम्मीद है। यह रैली सामाजिक एकता और भाईचारे के संदेश को भी आगे बढ़ाने का प्रयास मानी जा रही है।

कार्यकर्ताओं की तैयारी और स्थानीय स्तर पर जुटान

रैली को सफल बनाने के लिए समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, जिला पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने पहले से ही व्यापक तैयारी की है। पूर्व मंत्री जावेद आब्दी, जिला अध्यक्ष सुधीर भाटी और राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी ने कार्यकर्ताओं से बड़ी संख्या में पहुंचने की अपील की है। गांव और बूथ स्तर पर लगातार बैठकों के माध्यम से भीड़ जुटाने की रणनीति अपनाई गई है। पार्टी का दावा है कि यह रैली संगठनात्मक ताकत और जमीनी पकड़ को प्रदर्शित करने का एक बड़ा मंच साबित होगी।

2022 विवाद स्थल से 2027 चुनाव तक का संदेश

यह रैली उसी स्थान पर आयोजित की जा रही है जहां वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले मिहिर भोज की प्रतिमा के अनावरण को लेकर विवाद हुआ था। उस समय शिलापट्ट पर “सम्राट मिहिर भोज” लिखे जाने को लेकर गुर्जर समाज ने विरोध जताया था। अब इसी स्थान को चुनकर सपा एक रणनीतिक और प्रतीकात्मक संदेश देने की कोशिश कर रही है। पार्टी के अनुसार यह रैली 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों की दिशा में एक अहम कदम है, जिसके जरिए सपा अपने पारंपरिक वोट बैंक को मजबूत करने और सामाजिक समीकरण साधने की कोशिश कर रही है।

Join WhatsApp

Join Now

---Advertisement---