व्हाटअप्प ग्रुप ज्वाइन करने के लिए यहाँ क्लिक करे 👉
---Advertisement---

बिहार विधान परिषद चुनाव में AIMIM की एंट्री से बढ़ा सियासी तनाव

By Neha
On: Tuesday, June 2, 2026 3:58 PM
बिहार विधान परिषद चुनाव में AIMIM की एंट्री से बढ़ा सियासी तनाव
---Advertisement---

बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर राज्य की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM ने महागठबंधन में सीट को लेकर दावा ठोक दिया है। AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान ने राष्ट्रीय जनता दल से एक सीट की मांग की है और साथ ही राज्यसभा चुनाव के दौरान किए गए कथित वादे की याद दिलाई है। इस मांग के बाद महागठबंधन के भीतर तनाव की स्थिति बन गई है और राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।

राज्यसभा चुनाव के वादे का मुद्दा फिर उठा

अख्तरुल ईमान ने कहा है कि राज्यसभा चुनाव के दौरान उनकी पार्टी के पांच विधायकों ने महागठबंधन के प्रत्याशी का समर्थन किया था। उस समय आरजेडी की ओर से यह आश्वासन दिया गया था कि AIMIM को विधान परिषद में एक सीट दी जाएगी। अब AIMIM का कहना है कि आरजेडी को अपना वादा पूरा करना चाहिए और गठबंधन धर्म का पालन करना चाहिए। इस बयान के बाद यह मुद्दा फिर से राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है और दोनों दलों के बीच बातचीत की संभावनाएं भी प्रभावित होती दिख रही हैं।

आरजेडी ने सीट देने से किया साफ इनकार

इस पूरे मामले पर आरजेडी की ओर से स्पष्ट रुख सामने आया है। पार्टी नेता शक्ति यादव ने कहा है कि आरजेडी इस सीट पर अपना उम्मीदवार उतारेगी और किसी भी स्थिति में पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई अन्य उम्मीदवार मैदान में आता है तो इस पर महागठबंधन में चर्चा की जाएगी। आरजेडी के इस बयान से यह साफ हो गया है कि पार्टी इस बार किसी भी तरह का समझौता करने के मूड में नहीं है जिससे गठबंधन में खींचतान और बढ़ सकती है।

चुनावी समीकरण और बढ़ती राजनीतिक जटिलता

बिहार विधान परिषद की 10 सीटों पर 18 जून को मतदान होना है और उसी दिन परिणाम भी घोषित किए जाएंगे। इनमें से एक सीट उपचुनाव के रूप में शामिल है जो पहले नीतीश कुमार के पास थी। वर्तमान राजनीतिक समीकरण के अनुसार 243 सदस्यीय विधानसभा में एक सीट जीतने के लिए 25 विधायकों के समर्थन की आवश्यकता होती है। मौजूदा स्थिति में एनडीए के पास नौ सीटें जीतने की संभावना है जबकि महागठबंधन केवल एक सीट तक सीमित नजर आ रहा है। इस राजनीतिक जद्दोजहद के बीच अब देखना होगा कि गठबंधन की रणनीति किस दिशा में आगे बढ़ती है और क्या AIMIM और आरजेडी के बीच कोई समझौता संभव हो पाता है या नहीं।

Join WhatsApp

Join Now

---Advertisement---