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संसद में होने वाली चर्चा से पहले PM ने सभी दलों को किया एकजुट करने का प्रयास

By Neha
On: Sunday, April 12, 2026 10:36 AM
संसद में होने वाली चर्चा से पहले PM ने सभी दलों को किया एकजुट करने का प्रयास
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प्रधानमंत्री Narendra Modi ने लोकसभा और राज्यसभा के सभी सांसदों को एक महत्वपूर्ण पत्र लिखकर ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पर व्यापक समर्थन की अपील की है। इस पत्र में उन्होंने सभी दलों के फ्लोर लीडर्स से इस ऐतिहासिक पहल को मजबूत करने का आग्रह किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि 16 अप्रैल से संसद में इस अधिनियम पर विशेष चर्चा होने जा रही है, जो भारतीय लोकतंत्र को और अधिक सशक्त बनाने का अवसर है। उन्होंने इसे देश की राजनीतिक और सामाजिक यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव बताया है।

महिला सशक्तिकरण को बताया विकसित भारत की नींव

अपने पत्र में प्रधानमंत्री Narendra Modi ने लिखा कि कोई भी समाज तब तक आगे नहीं बढ़ सकता जब तक वहां महिलाओं को बराबरी से आगे बढ़ने, निर्णय लेने और नेतृत्व करने का अवसर न मिले। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए नारी शक्ति की पूरी भागीदारी आवश्यक है। प्रधानमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि भारत की महिलाएं आज अंतरिक्ष, खेल, सशस्त्र बलों और स्टार्टअप जैसे क्षेत्रों में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रही हैं और देश का गौरव बढ़ा रही हैं।

संसद में ऐतिहासिक समर्थन और सामूहिक निर्णय की यादें

प्रधानमंत्री ने अपने पत्र में 2023 में संसद में हुए उस ऐतिहासिक क्षण का भी जिक्र किया जब सभी दलों ने मिलकर ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ का समर्थन किया था। उन्होंने कहा कि यह भारत की संसदीय परंपरा में एक अविस्मरणीय उदाहरण था जहां सामूहिक इच्छाशक्ति से बड़ा निर्णय लिया गया। Narendra Modi ने कहा कि उस समय यह भी सहमति बनी थी कि कानून को जल्द से जल्द लागू किया जाना चाहिए ताकि महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को वास्तविक रूप दिया जा सके।

राजनीतिक दलों से संवाद और जल्द क्रियान्वयन पर जोर

प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में यह भी बताया कि इस विषय पर विभिन्न राजनीतिक दलों, विशेषज्ञों और संवैधानिक जानकारों से लगातार संवाद किया गया है। उन्होंने कहा कि सभी ने इस कानून के महत्व और इसके शीघ्र क्रियान्वयन पर सहमति जताई है। पत्र में उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह अधिनियम देश की आधी आबादी की राजनीतिक भागीदारी को बढ़ाने की दिशा में एक निर्णायक कदम है। प्रधानमंत्री ने सभी सांसदों से आग्रह किया कि वे इस चर्चा में सक्रिय रूप से भाग लें और इसे सफल बनाएं।

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