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आतंकवाद की फंडिंग पर भारत का बढ़ा दबदबा, FATF के वाइस चेयरमैन बने विवेक अग्रवाल

By Neha
On: Saturday, June 20, 2026 9:32 AM
आतंकवाद की फंडिंग पर भारत का बढ़ा दबदबा, FATF के वाइस चेयरमैन बने विवेक अग्रवाल
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मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद के वित्तपोषण के खिलाफ दुनिया की सबसे प्रभावशाली संस्थाओं में से एक FATF में भारत को बड़ी जिम्मेदारी मिली है। पहली बार किसी भारतीय अधिकारी को इस संस्था का उपाध्यक्ष चुना गया है, जिसे वैश्विक मंच पर भारत के बढ़ते प्रभाव और नेतृत्व की महत्वपूर्ण पहचान माना जा रहा है।

भारत के लिए गौरव का क्षण

फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) ने भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारी विवेक अग्रवाल को अपना नया उपाध्यक्ष नियुक्त किया है। यह नियुक्ति जुलाई 2026 से जून 2027 तक के कार्यकाल के लिए होगी। भारत वर्ष 2010 से FATF का सदस्य है, लेकिन संस्था के शीर्ष नेतृत्व में यह पहली बार है जब किसी भारतीय अधिकारी को इतनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है।

यह उपलब्धि केवल एक प्रशासनिक नियुक्ति नहीं, बल्कि वैश्विक वित्तीय सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी प्रयासों में भारत की बढ़ती भूमिका का भी संकेत है।

कौन हैं विवेक अग्रवाल?

विवेक अग्रवाल मध्य प्रदेश कैडर के 1994 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी हैं। वर्तमान में वे भारत सरकार में सचिव के पद पर कार्यरत हैं। FATF में भारतीय प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख के रूप में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

इसके अलावा वे फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट-इंडिया (FIU-IND) के निदेशक भी रह चुके हैं। वित्तीय अपराधों, मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद से जुड़े वित्तीय नेटवर्क पर उनकी गहरी समझ उन्हें इस भूमिका के लिए एक मजबूत विकल्प बनाती है।

FATF क्यों है इतनी महत्वपूर्ण संस्था?

FATF एक अंतरराष्ट्रीय संस्था है जो मनी लॉन्ड्रिंग, आतंकवाद के वित्तपोषण और अवैध वित्तीय गतिविधियों को रोकने के लिए वैश्विक मानक तय करती है। दुनिया के अधिकांश देश इसकी सिफारिशों और नियमों का पालन करते हैं।

किसी देश की वित्तीय विश्वसनीयता और वैश्विक निवेश माहौल पर भी FATF के फैसलों का बड़ा प्रभाव पड़ता है। यही वजह है कि इस संस्था में नेतृत्वकारी भूमिका को बेहद प्रतिष्ठित माना जाता है।

भारत की आतंकवाद विरोधी नीति को मिली मजबूती

विदेश मंत्रालय ने इस नियुक्ति को भारत की बड़ी कूटनीतिक और रणनीतिक सफलता बताया है। मंत्रालय के अनुसार भारत लंबे समय से आतंकवाद के प्रति “जीरो टॉलरेंस” की नीति का समर्थन करता रहा है।

ऐसे में FATF में भारत की मजबूत भागीदारी वैश्विक स्तर पर आतंकवादी वित्तपोषण और अवैध आर्थिक गतिविधियों के खिलाफ लड़ाई को और प्रभावी बना सकती है।

वैश्विक मंच पर बढ़ता भारत का प्रभाव

पिछले कुछ वर्षों में भारत ने G20, BRICS, QUAD और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी सक्रिय भूमिका से वैश्विक पहचान मजबूत की है। FATF में उपाध्यक्ष पद पर भारतीय अधिकारी की नियुक्ति इसी बढ़ते प्रभाव का एक और उदाहरण है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारत को वैश्विक वित्तीय नीतियों के निर्माण और सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने में अधिक प्रभावी भूमिका निभाने का अवसर मिलेगा।

एक नई जिम्मेदारी, नई उम्मीदें

विवेक अग्रवाल की नियुक्ति भारत के लिए सम्मान के साथ-साथ बड़ी जिम्मेदारी भी लेकर आई है। ऐसे समय में जब दुनिया साइबर अपराध, मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवादी फंडिंग जैसी चुनौतियों से जूझ रही है, भारत का नेतृत्वकारी योगदान वैश्विक वित्तीय व्यवस्था को और मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभा सकता है। यह उपलब्धि न केवल एक अधिकारी की सफलता है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत के बढ़ते विश्वास और प्रभाव की भी कहानी है।

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