
नर्मदापुरम (मध्य प्रदेश)।
सिवनी मालवा स्थित अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय (ADJ) ने गौ-रक्षा के नाम पर हुई एक हिंसक घटना में 14 आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई है। न्यायाधीश तबस्सुम खान की अदालत ने 3 अगस्त 2022 को बरखड़ गांव के पास हुई घटना के संदर्भ में यह निर्णय सुनाया है।
घटना का विवरण
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, 3 अगस्त 2022 की देर रात लगभग 1:00 बजे सिवनी मालवा क्षेत्र के बरखड़ गांव के पास मवेशी ले जा रहे एक वाहन को भीड़ द्वारा रोका गया था। वाहन में मवेशी होने के कारण भीड़ ने वाहन में सवार व्यक्तियों पर हमला कर दिया। इस हिंसक झड़प में एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई थी, जबकि दो अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
न्यायालय में पेश साक्ष्य
पुलिस द्वारा दर्ज मामले में हत्या (IPC 302), जानलेवा हमला (IPC 307) और दंगा भड़काने (IPC 148, 149) की धाराएं लगाई गई थीं। अभियोजन पक्ष ने अदालत में निम्नलिखित साक्ष्य प्रस्तुत किए:
फॉरेंसिक रिपोर्ट: फॉरेंसिक साइंस लैबोरेट्री (FSL) की रिपोर्ट में आरोपियों से जब्त हथियारों पर मानवीय रक्त की पुष्टि हुई।
गवाही: घटना के चश्मदीद गवाहों के बयान दर्ज किए गए।
डिजिटल साक्ष्य: मामले से संबंधित डिजिटल साक्ष्यों को अदालत में साक्ष्य के रूप में रखा गया।
न्यायालय का आदेश
अदालत ने सभी साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद 14 आरोपियों को सामूहिक जिम्मेदारी (Common Object) के तहत दोषी माना। अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि कानून अपने हाथ में लेना एक गंभीर अपराध है। इसके आधार पर न्यायालय ने सभी 14 दोषियों को आजीवन कारावास और आर्थिक जुर्माने की सजा सुनाई है।
विशेष संवाददाता, नर्मदापुरम (मध्य प्रदेश)






