
नई दिल्ली।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साल 2047 तक ‘विकसित भारत’ के सपने को साकार करने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने अपना पूरा जोर लगा दिया है। राज्य सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण और समावेशी मानव विकास जैसे 5 मुख्य स्तंभों पर विशेष ध्यान दे रही है। नीति आयोग की बैठक में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य की प्रगति का पूरा रोड मैप पेश किया। उन्होंने कहा कि आर्थिक तरक्की के साथ-साथ राज्य के हर वर्ग और हर क्षेत्र के संतुलित विकास के लिए चौतरफा प्रयास किए जा रहे हैं।
नई दिल्ली के राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में नीति आयोग के शासी परिषद (गवर्निंग काउंसिल) की 11वीं बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में केंद्रीय मंत्रियों और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों के सामने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य के विकास का विजन रखा।
अर्थव्यवस्था और क्षेत्रीय विकास का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की कुल जीडीपी में लगभग 14% योगदान देने वाला महाराष्ट्र भारत का ‘आर्थिक इंजन’ है। हालांकि राज्य में बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) का तेजी से विकास हो रहा है, लेकिन शिक्षित, कुशल, स्वस्थ और सक्षम नागरिक ही महाराष्ट्र की असली ताकत हैं।
इसे ध्यान में रखते हुए ‘विकसित महाराष्ट्र-2047’ विजन डॉक्यूमेंट जारी किया गया है। इसके तहत राज्य ने निम्नलिखित लक्ष्य तय किए हैं:
साल 2030 तक: 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था
साल 2035 तक: 2 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था
साल 2047 तक: 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था
इसके अलावा, पिछड़े क्षेत्रों के विकास के लिए ‘आकांक्षी जिलों’ की संख्या 4 से बढ़ाकर 10 और ‘आकांक्षी तालुकों’ की संख्या 27 से बढ़ाकर 177 कर दी गई है, ताकि इन क्षेत्रों का सर्वांगीण विकास हो सके।
शिक्षा के क्षेत्र में बड़े सुधार
महाराष्ट्र राष्ट्रीय शिक्षा नीति
(NEP)-2020 को पूरी तरह लागू करने वाला देश का पहला राज्य है। अब पढ़ाई में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, डेटा साइंस और ब्लॉकचेन जैसी आधुनिक तकनीकों को शामिल किया जा रहा है। नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास देश की पहली वैश्विक स्तर की ‘एजुसिटी’ (Edu-City) बनाई जा रही है।
प्राथमिक शिक्षा को मजबूत करने के लिए ‘पोषण भी-पढ़ाई भी’, ‘आरंभ’, और ‘स्मार्ट आंगनवाड़ी’ जैसे कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। स्कूल छोड़ने वाले बच्चों की दर (ड्रॉपआउट) को शून्य पर लाने का लक्ष्य है और अब तक राज्य में 2 करोड़ 8 लाख से अधिक ‘अपार आईडी’ (APAAR ID) बनाए जा चुके हैं।
कौशल विकास और स्टार्टअप को बढ़ावा
महाराष्ट्र राष्ट्रीय शिक्षुता प्रोत्साहन योजना (NAPS) में देश में पहले स्थान पर है। ‘महाराष्ट्र स्टार्टअप, उद्यमिता और नवाचार नीति 2025’ के तहत अगले 5 वर्षों में 1.25 लाख नए उद्यमी तैयार करने और 50 हजार स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने का लक्ष्य है। युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार दिलाने के लिए ‘महाराष्ट्र एजेंसी फॉर होलिस्टिक इंटरनेशनल मोबिलिटी’ की स्थापना की जा रही है।
स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार
आयुष्मान भारत और महात्मा ज्योतिराव फुले जन आरोग्य योजना के तहत अब इलाज के पैकेजेस की संख्या बढ़ाकर 2,399 कर दी गई है और 4,537 अस्पताल इससे जोड़े जा चुके हैं। शहरी क्षेत्रों के लिए अलग से स्वास्थ्य आयुक्तालय बनाया गया है और 11 नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों का काम चल रहा है।
महिला सशक्तिकरण और समावेशी विकास
मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘उम्मीद अभियान’ के जरिए राज्य में 50 लाख महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं, जिसे 1 करोड़ तक ले जाने का लक्ष्य है। वहीं, ‘लाडकी बहन योजना’ के तहत वर्तमान में 1.66 करोड़ महिलाएं लाभ ले रही हैं, जिससे वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हो रही हैं। इसके साथ ही एससी, एसटी और ओबीसी छात्रों के लिए 100 नए हॉस्टल बनाए जा रहे हैं।
प्रशासन में तकनीक और गडचिरोली का कायाकल्प
महाराष्ट्र सरकार ने प्रशासनिक प्रक्रियाओं को आसान बनाते हुए 800 से अधिक नागरिक सेवाओं का सरलीकरण किया है। ‘महाराष्ट्र एआई नीति 2026’ के तहत 10,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आकर्षित करने और 1.5 लाख नौकरियां पैदा करने का लक्ष्य है।
नक्सल प्रभावित गडचिरोली जिले के लिए विशेष विकास योजना लागू की गई है। गडचिरोली को भारत के पहले बड़े ‘इंटीग्रेटेड स्टील हब’ के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे वहां बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा होगा।
पर्यटन और उद्योग में नंबर वन
‘एक राज्य, एक वैश्विक पर्यटन स्थल‘
योजना के तहत सिंधुदुर्ग और नासिक को विश्व स्तर के पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। उद्योग के मोर्चे पर, भारत में आने वाले कुल विदेशी निवेश (FDI) का लगभग 31% अकेले महाराष्ट्र में आ रहा है। ‘मैत्री प्रणाली’ के जरिए उद्योगों को सिंगल विंडो क्लीयरेंस और फ्रेंडली माहौल दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने मुंबई में ‘इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजी’ को मंजूरी देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया और देश को समृद्ध व आत्मनिर्भर बनाने में महाराष्ट्र की पूरी प्रतिबद्धता दोहराई।






