कर्नाटक में राजनीतिक बदलाव का बड़ा दौर आज देखने को मिलेगा। डीके शिवकुमार आज शाम 4 बजे लोकभवन में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। राज्यपाल थावरचंद गहलोत उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। यह फैसला कांग्रेस आलाकमान की रणनीति और लंबे मंथन के बाद सामने आया है। सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद पार्टी ने संगठनात्मक संतुलन साधते हुए शिवकुमार को कमान सौंप दी है।

कांग्रेस में हाई लेवल मीटिंग और फैसला
शिवकुमार को हाल ही में कांग्रेस विधायक दल का नेता चुना गया था, जिसके बाद मुख्यमंत्री पद का रास्ता साफ हुआ। इस पूरे बदलाव से पहले दिल्ली में कांग्रेस हाईकमान के साथ कई दौर की बैठकों का सिलसिला चला। मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी के साथ सिद्धारमैया और शिवकुमार दोनों ने विस्तार से चर्चा की। पार्टी संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और कर्नाटक प्रभारी रणदीप सुरजेवाला भी इन बैठकों में शामिल रहे।
मंत्रिमंडल को लेकर बड़ी रणनीति और समीकरण
सूत्रों के अनुसार शिवकुमार के साथ 10 से 12 विधायक मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। हालांकि पूरा मंत्रिमंडल विस्तार राज्यसभा और विधान परिषद चुनावों के बाद किया जाएगा। सरकार में जातीय समीकरण, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और गुटीय संतुलन को ध्यान में रखकर टीम बनाई जाएगी। चर्चा यह भी है कि कुछ नए चेहरे शामिल होंगे जबकि कुछ पुराने मंत्रियों को बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है।
नई सरकार के सामने बड़ी राजनीतिक चुनौती
कर्नाटक में मुख्यमंत्री बदलने के साथ ही अब शिवकुमार के सामने सबसे बड़ी चुनौती संतुलित मंत्रिमंडल तैयार करना है। पार्टी में मंत्री पद के दावेदारों की लंबी सूची है, जबकि पद सीमित हैं। ऐसे में असंतोष और नाराजगी को संभालना भी एक बड़ा राजनीतिक इम्तिहान होगा। सिद्धारमैया को हाल ही में कांग्रेस कार्य समिति का सदस्य बनाया गया है, जिससे पार्टी उनके अनुभव का उपयोग आगे भी करना चाहती है।








