बिहार में नई एनडीए सरकार के गठन के बाद अब मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। भाजपा नेता Samrat Choudhary के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद राज्य में नई राजनीतिक व्यवस्था स्थापित हुई थी। उनके साथ ही जदयू के Vijay Kumar Chaudhary और Bijendra Prasad Yadav ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। हालांकि शपथ ग्रहण के बाद से अब तक मंत्रिमंडल का विस्तार नहीं हो सका था, लेकिन अब 7 मई को इसे लेकर बड़ा कार्यक्रम तय किया गया है।

गांधी मैदान में होगा भव्य शपथ ग्रहण समारोह
जानकारी के अनुसार 7 मई को बिहार कैबिनेट विस्तार का आयोजन पटना के गांधी मैदान में किया जाएगा, जहां नए मंत्रियों को शपथ दिलाई जाएगी। इस समारोह को भव्य बनाने की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। बताया जा रहा है कि इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री Narendra Modi, केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा सहित कई एनडीए नेता शामिल होंगे। दो दिन पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की दिल्ली में शीर्ष नेताओं से मुलाकात के बाद इस कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया गया है।
मंत्रियों के बंटवारे और संभावित नामों की सूची तैयार
सूत्रों के अनुसार एनडीए सरकार में बीजेपी और जदयू के बीच मंत्रियों का बंटवारा लगभग बराबर रहने की संभावना है। कुल 36 मंत्रियों की सीमा में से 7 मई को 27 मंत्री शपथ ले सकते हैं जबकि 6 पद फिलहाल खाली रखे जाएंगे। बीजेपी को 12, जदयू को 11, एलजेपी (रामविलास) को 2 और हम तथा आरएलएम को एक-एक मंत्री पद मिल सकता है। जदयू के पुराने चेहरों जैसे श्रवण कुमार, अशोक चौधरी, लेसी सिंह और मदन सहनी को फिर से जगह मिलने की संभावना है। इसके अलावा कुछ नए चेहरों को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया जाएगा।
राजनीतिक संतुलन और NDA की रणनीति पर नजर
बिहार की राजनीति में यह मंत्रिमंडल विस्तार एनडीए के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे सरकार की स्थिरता और संगठनात्मक मजबूती का संदेश जाएगा। जदयू से श्वेता गुप्ता, भगवान कुशवाहा, रत्नेश सदा, शीला मंडल और बुलो मंडल जैसे नए नामों पर भी चर्चा चल रही है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह विस्तार आने वाले समय में राज्य की विकास योजनाओं और प्रशासनिक फैसलों को गति देगा। साथ ही यह एनडीए के भीतर सहयोग और संतुलन बनाए रखने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।








