व्हाटअप्प ग्रुप ज्वाइन करने के लिए यहाँ क्लिक करे 👉
---Advertisement---

DMK को बड़ा झटका TVK प्रत्याशी सबरीनाथन की जीत से बदला राजनीतिक परिदृश्य

By Neha
On: Tuesday, May 5, 2026 8:37 AM
DMK को बड़ा झटका TVK प्रत्याशी सबरीनाथन की जीत से बदला राजनीतिक परिदृश्य
---Advertisement---

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव ला दिया है। पहली बार चुनाव मैदान में उतरी तमिलगा वेट्ट्री कज़गम (TVK) ने 206 सीटें जीतकर राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बनने का दावा मजबूत कर दिया है। इस अभूतपूर्व प्रदर्शन ने द्रविड़ राजनीति के पारंपरिक समीकरणों को हिला दिया है। अभिनेता से नेता बने Joseph Vijay के नेतृत्व में पार्टी ने जनता के बीच मजबूत पकड़ बनाई और यह संकेत दिया कि तमिलनाडु की राजनीति अब नए दौर में प्रवेश कर चुकी है।

विजय की दो सीटों पर बड़ी जीत और लोकप्रियता का असर

टीवीके प्रमुख जोसेफ विजय ने भी इस चुनाव में दो सीटों पर शानदार जीत दर्ज की है। उन्होंने पेरम्बूर सीट से 53,715 वोटों के अंतर से जीत हासिल की और तिरुचिरापल्ली (पूर्वी) सीट पर भी बड़ी जीत दर्ज की। इन नतीजों ने उनकी राजनीतिक ताकत को और मजबूत कर दिया है। विजय को जनता से भारी समर्थन मिला, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि उनकी फिल्मी लोकप्रियता अब राजनीतिक जनादेश में बदल चुकी है। चुनाव परिणामों ने यह भी दिखाया कि वे अब केवल अभिनेता नहीं बल्कि एक प्रभावशाली राजनीतिक नेता के रूप में उभर चुके हैं।

विरुगंबक्कम सीट पर टीवीके की बड़ी जीत और डीएमके को झटका

विरुगंबक्कम विधानसभा सीट पर टीवीके प्रत्याशी आर सबरीनाथन ने बड़ा उलटफेर करते हुए डीएमके उम्मीदवार एएमवी प्रभाकर राजा को 27,086 वोटों के अंतर से हरा दिया। जीत के बाद सबरीनाथन ने कहा कि डीएमके का अंत हो चुका है। यह बयान चुनावी माहौल में चर्चा का विषय बन गया है। इस जीत ने राज्य में टीवीके की बढ़ती पकड़ को और मजबूत किया है और यह संकेत दिया है कि पारंपरिक दलों को अब नई राजनीतिक ताकतों से कड़ी चुनौती मिल रही है।

तमिलनाडु की राजनीति में ऐतिहासिक बदलाव का संकेत

चुनाव परिणामों के बाद राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तमिलनाडु की राजनीति एक नए युग में प्रवेश कर रही है। डीएमके और AIADMK जैसे पारंपरिक दलों के मुकाबले टीवीके का उभरना एक ऐतिहासिक बदलाव माना जा रहा है। मुख्यमंत्री M. K. Stalin को भी अपनी सीट पर हार का सामना करना पड़ा, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह परिणाम 1977 के बाद पहली बार द्रविड़ राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत देता है, जहां नई राजनीतिक ताकतें स्थापित व्यवस्था को चुनौती दे रही हैं।

Join WhatsApp

Join Now

---Advertisement---