
पालघर, 28 अप्रैल 2026: भारत की आगामी 16वीं जनगणना को लेकर पालघर जिला प्रशासन ने अपनी व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। देश की इस पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना के लिए जिले का प्रशासनिक तंत्र पूरी तरह तैयार है। जिलाधिकारी तथा प्रधान जनगणना अधिकारी डॉ. इंदु रानी जाखड़ ने आज जिला कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में इस महाअभियान की विस्तृत रूपरेखा साझा की।

डिजिटल इंडिया की दिशा में बड़ा कदम
जिलाधिकारी ने बताया कि जनगणना 2027 तकनीक के उपयोग से एक नए युग की शुरुआत करेगी। यह प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल होगी, जिसमें मोबाइल ऐप और CMMS पोर्टल की मुख्य भूमिका रहेगी। इस बार नागरिकों को ‘स्व-गणना’ (Self Enumeration) की विशेष सुविधा दी गई है। लोग https://se.census.gov.in संकेतस्थल पर जाकर स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं, जिससे पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और त्वरित होगी।
दो चरणों में चलेगा अभियान
प्रशासन ने जनगणना कार्य को दो मुख्य चरणों में विभाजित किया है:
1 से प्रथम चरण (मकान सूचीकरण और आवास गणना): 15 मई: नागरिक पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी स्वयं भर सकेंगे। इसके बाद प्राप्त होने वाला ‘SE ID’ सुरक्षित रखना होगा।
16 मई से 14 जून: प्रगणक (गणक) घर-घर जाकर 33 बिंदुओं पर डेटा संकलित करेंगे। इसमें मकान की स्थिति, परिवार को मिलने वाली सुविधाएं और उनकी जीवनशैली का विवरण शामिल होगा।
द्वितीय चरण (जनसंख्या गणना): इसमें प्रत्येक व्यक्ति की व्यक्तिगत और विस्तृत जानकारी जुटाई जाएगी, जिससे जिले का सटीक जनसंख्या डेटा तैयार हो सके।
पालघर जिले का प्रशासनिक नियोजन
जिले की लगभग 24.30 लाख की आबादी को कवर करने के लिए प्रशासन ने निम्नलिखित तैयारी की है:
ढांचा: 8 तालुका, 3 नगर परिषद और 4 नगर पंचायतों को मिलाकर कुल 15 चार्ज कार्यालय कार्यरत रहेंगे।
कार्यबल: फील्ड स्तर पर डेटा जुटाने के लिए 3718 प्रगणक और 636 पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं।
प्रशिक्षण: मार्च माह से ही चार्ज अधिकारियों, फील्ड ट्रेनर्स और प्रगणकों को तकनीकी प्रशिक्षण देकर दक्ष बनाया गया है।
अचूक डेटा के लिए सहयोग का आह्वान
डॉ. जाखड़ ने नागरिकों से अपील की कि वे इस राष्ट्रीय कार्य में अपनी जिम्मेदारी समझें और सटीक जानकारी प्रदान करें। उन्होंने कहा, “डिजिटल माध्यम से होने वाली इस जनगणना से समय की बचत होगी और डेटा की शुद्धता सुनिश्चित होगी। नागरिकों का सहयोग ही इस मिशन की सफलता का आधार है।”
इस प्रेस वार्ता के दौरान उपजिलाधिकारी (सामान्य प्रशासन) रणजीत देसाई और तहसीलदार नरेंद्र माने भी उपस्थित रहे, जिन्होंने फील्ड स्तर पर होने वाली तैयारियों की तकनीकी जानकारी साझा की।
संवाददाता पराग यादव/पालघर






