MP News: मध्य प्रदेश के गुना जिले के बमोरी थाना क्षेत्र के सोनखरा गांव से एक बेहद दर्दनाक और शर्मनाक घटना सामने आई है। एक नाबालिग किशोरी के साथ तीन युवकों द्वारा कथित सामूहिक दुष्कर्म किए जाने का मामला सामने आने के बाद पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया है। घटना के बाद आरोपियों ने पीड़िता को गंभीर हालत में शिवपुरी मेडिकल कॉलेज के बाहर छोड़ दिया और फरार हो गए। इस घटना ने न सिर्फ स्थानीय लोगों को झकझोर दिया है बल्कि कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल किशोरी जिला अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही है और उसकी हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है।

झांसा देकर सुनसान जगह ले जाकर वारदात
घटना 25 अप्रैल की बताई जा रही है जब पीड़िता की मां घर से बाहर एक कार्यक्रम में गई हुई थीं। इसी दौरान गांव के एक युवक ने कथित तौर पर साजिश रचते हुए किशोरी को उसकी मां के पास ले जाने का झूठा बहाना बनाया। भरोसा कर किशोरी उसके साथ बाइक पर बैठ गई। रास्ते में जब उसे शक हुआ तो आरोपी ने उसे धमकाकर सुनसान इलाके की ओर मोड़ दिया। वहां पहले से मौजूद उसके दो साथियों के साथ मिलकर आरोपियों ने बारी-बारी से इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद जब किशोरी की हालत बिगड़ने लगी तो आरोपी घबरा गए और उसे इलाज के बहाने अस्पताल ले जाकर बाहर छोड़कर भाग निकले।
परिजनों की पीड़ा और पुलिस पर लापरवाही के आरोप
पीड़िता के परिजन अपनी बेटी की तलाश में लगातार भटकते रहे और जब उन्हें सच्चाई का पता चला तो वे उसे घर लेकर बमोरी थाने पहुंचे। आरोप है कि पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करने के बजाय जांच का हवाला देकर उन्हें लौटा दिया। इस घटनाक्रम से आहत और मानसिक रूप से टूट चुकी किशोरी ने घर लौटकर जहरीला पदार्थ खा लिया, जिससे उसकी हालत और गंभीर हो गई। इस पूरे मामले में पुलिस की शुरुआती प्रतिक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं और लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।
तीन दिन बाद एफआईआर, आरोपियों की तलाश तेज
मामले की गंभीरता बढ़ने के बाद पुलिस ने तीसरे दिन एफआईआर दर्ज की और जांच शुरू की। थाना प्रभारी के अनुसार, अस्पताल में भर्ती किशोरी के बयान महिला अधिकारी द्वारा दर्ज किए गए हैं, जिसमें उसने तीनों आरोपियों की पहचान की है। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें रवाना कर दी हैं और जल्द कार्रवाई का भरोसा दिया है। वहीं, डॉक्टरों की टीम लगातार पीड़िता का इलाज कर रही है लेकिन उसकी स्थिति अभी भी चिंताजनक बनी हुई है। यह घटना समाज में महिलाओं की सुरक्षा और प्रशासन की जिम्मेदारी को लेकर एक बार फिर गंभीर बहस खड़ी कर रही है।







